
मुंबई। राष्ट्रीय शाश्वत शहरी नवाचार परिषद (NSUIS) 2026 का आयोजन बुधवार को मुंबई के ताज प्रेसिडेंट होटल में मीरा-भाईंदर महानगरपालिका और एपीएसी मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर महापौर डिंपल विनोद मेहता, आयुक्त राधाबिनोद ए. शर्मा तथा उपमहापौर ध्रुवकिशोर मन्साराम पाटील सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। परिषद में महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए आईएएस अधिकारी, नगर आयुक्त, शहरी नियोजक, अभियंता और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस परिषद में विभिन्न शहरों के प्रशासनिक अनुभव, शहरी चुनौतियों और सफल पहलों का व्यापक आदान-प्रदान हुआ, जिससे यह कार्यक्रम व्यावहारिक और प्रभावी शहरी परिवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने अपने मार्गदर्शन में एकीकृत महानगर नियोजन, टिकाऊ बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। परिषद में स्मार्ट सिटी समाधान, डेटा आधारित प्रशासन और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही जल प्रबंधन, जल सुरक्षा, रीसाइक्लिंग तकनीक, ग्रीन बिल्डिंग, जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील शहरी ढांचे (क्लाइमेट रेजिलिएंस), ठोस कचरा प्रबंधन और डिजिटल परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट, ई-मोबिलिटी और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे। नागरिक-केंद्रित सेवाओं के लिए ई-गवर्नेंस, मोबाइल ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने जल सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और नवाचार आधारित शहरी विकास पर अपने विचार रखे। पैनल चर्चाओं में शाश्वत शहरी नियोजन, जलवायु-अनुकूल शहर, ग्रीन फाइनेंसिंग और नागरिकों की भागीदारी जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। परिषद का एक प्रमुख आकर्षण मीरा-भाईंदर शहर के विकास मॉडल का प्रस्तुतीकरण रहा, जिसमें सीमित संसाधनों के बावजूद तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, डिजिटल सेवाएं और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्शाई गई। इस अवसर पर “विकसित मिरा-भाईंदर, विकसित महाराष्ट्र” के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए शाश्वत, समावेशी और तकनीक आधारित शहरी विकास के लिए ठोस संकल्प व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ और परिषद में प्रस्तुत सिफारिशों एवं निष्कर्षों को जल्द ही आधिकारिक रूप से जारी किए जाने की जानकारी दी गई।




