ड्रग्स मामलों की सुनवाई में आएगी तेजी, पुणे में विशेष NDPS न्यायालय स्थापित
6 अगस्त 2026 को हुई विशेष अदालत की स्थापना, लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और प्रभावी न्यायिक कार्रवाई पर जोर

मुंबई। महाराष्ट्र में मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की सुनवाई में तेजी लाने और ऐसे मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुणे में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट के तहत विशेष न्यायालय स्थापित किया गया है। यह विशेष न्यायालय 6 अगस्त 2026 को स्थापित किया गया। राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री रहते हुए इस दिशा में पहल की थी। उन्होंने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए महाराष्ट्र में विशेष नामित न्यायालय स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग को विशेष न्यायालय की स्थापना से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने तथा प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर लगातार फॉलोअप करने के निर्देश दिए गए थे। परियोजना रिपोर्ट में विशेष न्यायालय की स्थापना के लिए आवश्यक प्रशासनिक, कानूनी और संस्थागत पहलुओं को शामिल करने के निर्देश थे। इसके बाद केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया और पुणे में विशेष न्यायालय की स्थापना की गई। मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों को गंभीर और संवेदनशील प्रकृति का माना जाता है। ऐसे मामलों की सुनवाई प्राथमिकता और निर्धारित समयसीमा में होने से लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के साथ सबूतों और गवाहों से जुड़ी प्रक्रिया समय पर पूरी करने तथा आरोपियों के खिलाफ प्रभावी न्यायिक कार्रवाई में मदद मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का कहना है कि युवाओं को नशे के जाल से बचाना, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना और ऐसे अपराधों के आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। विशेष NDPS न्यायालय की स्थापना से जांच एजेंसियों, अभियोजन पक्ष और न्यायिक प्रक्रिया के बीच समन्वय को और मजबूत करने के साथ ड्रग्स से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।
