
ठाणे। ठाणे जिले में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के महत्वाकांक्षी अभियान ‘मेरा गांव एक हेल्दी गांव’ को गति देने के लिए आज कलेक्ट्रेट स्थित प्लानिंग बिल्डिंग के कमिटी हॉल में अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की, जिसमें जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर विधायक किसन कथोरे, निरंजन डावखरे, ज्ञानेश्वर म्हात्रे, डॉ. बालाजी किणीकर, शांताराम मोरे और राजेश मोरे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, वहीं पालक सचिव नवीन सोना, जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरिश्चंद्र पाटिल, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजिंक्य पवार, निवासी उप जिला कलेक्टर डॉ. संदीप माने, जिला नियोजन अधिकारी वैभव कुलकर्णी, प्रांतीय मजिस्ट्रेट उर्मिला पाटिल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक गांव को स्वास्थ्य की दृष्टि से आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर स्वास्थ्य को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना इसका मूल लक्ष्य है। यह अभियान 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक संचालित किया जाएगा और इसमें चार प्रमुख बिंदुओं—जीवनशैली में सुधार, रोगों की रोकथाम, समय पर उपचार और पुनर्वास—पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनभागीदारी, सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं, प्रशासनिक समन्वय और नवाचार जैसे पहलुओं पर जोर दिया गया है। ग्राम पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न समितियां इस योजना की निगरानी करेंगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने 65.25 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पुरस्कार की घोषणा की है, जिसमें राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली जिला परिषद को 5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।जिले के अंबरनाथ, भिवंडी, कल्याण, मुरबाद और शाहपुर तालुकों में जनजागरूकता बैठकें पहले ही आयोजित की जा चुकी हैं। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 1 मई को आयोजित ग्राम सभाओं में इस अभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि हर गांव को “हेल्दी गांव” बनाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से हासिल किया जा सके।




