
मुंबई। महाराष्ट्र में पायाभूत सुविधाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई मेट्रो मार्गिका-5A के चरण 1 और 2 सहित कुल 18,130.55 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही विदर्भ क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण द्रुतगति महामार्ग परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु HUDCO से ऋण लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए 1063 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित पायाभूत सुविधा विकास समिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, उद्योग मंत्री उदय सामंत और लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
69 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
मुंबई मेट्रो-5A की कुल लंबाई 34.21 किलोमीटर होगी, जिसमें 19 स्टेशन शामिल हैं। इसका पहला चरण कापुरबावड़ी से धामणकर नाका और दूसरा चरण धामणकर नाका से दुर्गाड़ी तक विकसित किया जाएगा, जबकि 5A मार्गिका दुर्गाड़ी से कल्याण और उल्हासनगर तक जाएगी। इस परियोजना से ठाणे, भिवंडी, कल्याण और उल्हासनगर के लगभग 69 लाख लोगों को लाभ मिलेगा और यात्रा समय में 40 से 50 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना है।
विदर्भ के महामार्गों को मिलेगी रफ्तार
नागपुर-गोंदिया, भंडारा-गड़चिरोली और नागपुर-चंद्रपुर द्रुतगति महामार्ग परियोजनाओं के लिए समयबद्ध कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
नागपुर-गोंदिया मार्ग: 162.577 किमी, अनुमानित लागत 19,582.19 करोड़ रुपये।
भंडारा-गड़चिरोली मार्ग: 94.241 किमी, भूमि अधिग्रहण लागत 931.15 करोड़ रुपये।
नागपुर-चंद्रपुर मार्ग: 204.799 किमी, भूमि अधिग्रहण लागत 2,353.94 करोड़ रुपये।
इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु HUDCO से ऋण लेने की मंजूरी दी गई है और इन्हें छह वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कुंभ मेला 2027 के लिए 1063 करोड़ की स्वीकृति
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु 1063 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसमें पार्किंग, जलापूर्ति, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, ठोस कचरा प्रबंधन और नियंत्रण कक्ष जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ.पी. गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।




