सूखाग्रस्त क्षेत्रों में मांगते ही मिले रोजगार, युद्धस्तर पर काम शुरू करें: मंत्री भरत गोगावले

रोजगार सृजन, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश, राज्यस्तरीय टास्क फोर्स का होगा गठन

मुंबई। महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए रोजगार गारंटी योजना सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। रोजगार गारंटी योजना, बागवानी एवं खारभूमि विकास मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि ‘वी.बी.-जी. राम जी’ के तहत मांग करने वाले प्रत्येक जरूरतमंद को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर से ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी कार्रवाई की जाए। सूखाग्रस्त परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर रोजगार सृजन, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। सोमवार को सूखे की स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र रोजगार गारंटी तथा विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के कार्यों की राज्यस्तरीय समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में रोजगार गारंटी योजना विभाग के सचिव आप्पासो धुळाज, संयुक्त सचिव अतुल कोदे सहित जिलाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। गोगावले ने कहा कि सूखे के दौरान किसानों और ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। रोजगार गारंटी योजना के तहत गांवों में मांग के अनुसार तत्काल काम उपलब्ध कराए जाएं। जॉब कार्ड के आधार पर किए गए कार्यों का पारिश्रमिक महाडीबीटी के माध्यम से जल्द से जल्द मजदूरों को दिया जाए। मजदूरों के पंजीकरण और रोजगार की मांग से संबंधित प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए। सूखाग्रस्त गांवों तथा जहां रोजगार की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। मजदूर प्रधान कार्य बड़े पैमाने पर शुरू कर ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। मंत्री गोगावले ने जल संरक्षण और जल सुरक्षा से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध पानी का उचित नियोजन करने के साथ भविष्य में पानी की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए सार्वजनिक तालाबों का पुनर्जीवन, पारंपरिक जलस्रोतों की मरम्मत और रखरखाव, पाझर तालाब, मिट्टी के बांध, गैबियन बांध, गली प्लग बांध, रिचार्ज पिट, खेत तालाब और सिंचाई कुओं जैसे कार्य बड़े पैमाने पर शुरू किए जाएं। व्यक्तिगत लाभ के कार्यों के माध्यम से किसान परिवारों की उत्पादकता और सूखे का सामना करने की क्षमता बढ़ाने के साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी जोर दिया जाए। सामुदायिक उपयोग के कार्यों को प्राथमिकता देकर ग्रामीण क्षेत्रों में जल भंडारण और जलस्रोतों को मजबूत किया जाए।
सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रोजगार गारंटी के कार्यों को गति देने के लिए राज्यस्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी। इसके माध्यम से रोजगार गारंटी के तहत कार्यों की संख्या बढ़ाने, मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन रोकने के उपाय किए जाएंगे। टास्क फोर्स में रोजगार गारंटी विभाग के सचिव, मिशन महानिदेशक, वी-BG RAM-G नागपुर के आयुक्त, छत्रपति संभाजीनगर के विभागीय आयुक्त, लातूर के जिलाधिकारी और विभाग के कक्ष अधिकारी को प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा। गोगावले ने जिलाधिकारियों, उपजिलाधिकारियों (रोजगार गारंटी), मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (नरेगा), खंड विकास अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को क्षेत्रीय दौरे कर कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने को कहा। जहां अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी है, वहां आवश्यक मानव संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन अपने काम के माध्यम से किसानों, मजदूरों और ग्रामीण जनता में यह विश्वास पैदा करे कि सूखे की स्थिति में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। सरपंच, ग्रामसेवक, ग्राम पंचायत पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी आपसी समन्वय से उपलब्ध योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। सूखा राहत उपायों की नियमित निगरानी की जाएगी। जिलेवार कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा होगी, जबकि हर पखवाड़े राज्य स्तर पर समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मौके पर जाकर कार्यों की प्रगति की जांच भी की जाएगी। बैठक में रोजगार गारंटी योजना के तहत मानव दिवस सृजन, केंद्र सरकार के पास लंबित निधि, सामग्री पर खर्च का अनुपात, ‘वी. बी.-जी. राम जी’ के तहत जारी कार्य, ग्राम पंचायतवार कार्यों की स्थिति और महाराष्ट्र में योजना पर हुए कुल खर्च की भी समीक्षा की गई।

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