आंगनवाड़ी सेविकाओं को ग्रेच्युटी देने और सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने पर सरकार सकारात्मक: मंत्री अदिति तटकरे
पेंशन, पदोन्नति, चिकित्सा अवकाश, बीमा और प्रोत्साहन राशि सहित लंबित मांगों पर चरणबद्ध निर्णय लेने का आश्वासन

मुंबई। आंगनवाड़ी सेविकाओं की सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय है। उन्हें ग्रेच्युटी देने के साथ सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष करने को लेकर राज्य सरकार सकारात्मक है। सोमवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने मंत्रालय में आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की लंबित मांगों की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। बैठक में सचिव डॉ. अनुपकुमार यादव, आयुक्त माधवी सरदेशमुख, संयुक्त सचिव वि. रा. ठाकूर, सहायक निदेशक सुधीर समुद्रे तथा संगठन की ओर से दिलीप उटाणे, राजेश सिंह, रश्मी म्हात्रे, अपर्णा पानसरे, सीमा मुजावर, संजीवनी वाघमारे और माया परमेश्वर सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। तटकरे ने कहा कि शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे समाज के अंतिम तबके तक महिलाओं और बच्चों को सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। इसलिए उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी और पेंशन दोनों महत्वपूर्ण विषय हैं और इन पर चरणबद्ध तरीके से निर्णय लेकर समाधान किया जाएगा। लंबी सेवा के बाद सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले लाभ आंगनवाड़ी सेविकाओं की आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन लाभों में नियमानुसार वृद्धि करने पर भी सकारात्मक विचार किया जाएगा। आंगनवाड़ी सेविकाओं को मुख्य सेविका के पद पर पदोन्नति देने के संबंध में उपलब्ध पदों और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। मंत्री तटकरे ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित कार्य के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को उनके अपने ही कार्यक्षेत्र में भेजा जाए और उनका यात्रा भत्ता समय पर दिया जाए। आंगनवाड़ियों को पेपरलेस बनाने की दिशा में अब कम से कम तीन रजिस्टर और एक मोबाइल के इस्तेमाल के निर्देश देने की बात भी कही गई।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित कामकाज और सेविकाओं की फील्ड विजिट को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कार्य का उचित नियोजन किया जाना चाहिए। बैठक में सेविकाओं द्वारा किए जाने वाले अतिरिक्त कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को चिकित्सा अवकाश और भत्ता देने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की सेवानिवृत्ति लाभ, ग्रेच्युटी, पेंशन, पदोन्नति, शैक्षणिक योग्यता, सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा, बीमा संरक्षण, अवकाश, प्रोत्साहन राशि और प्रशासनिक कार्यभार कम करने से संबंधित विभिन्न मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए चरणबद्ध तरीके से निर्णय लिए जाएंगे।
