
कोलकाता, पश्चिम बंगाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के ठिकानों पर शनिवार को एक बार फिर व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई दक्षिण कोलकाता के नाकतला स्थित उनके आवास और कथित बिचौलिए प्रसन्ना कुमार रॉय के न्यू टाउन स्थित घर पर की गई। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बलों की बड़ी तैनाती के बीच सुबह-सुबह ईडी की टीम चटर्जी के आवास पर पहुंची और घर के अंदर-बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने घर में मौजूद लोगों से पूछताछ करने के बाद सीधे अंदर प्रवेश कर पूर्व मंत्री से कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ शुरू की, जो खबर लिखे जाने तक जारी थी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा कक्षा 9 से 12 तक सहायक शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में की जा रही है। ईडी इस पूरे प्रकरण में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, चटर्जी के तीन बार पूछताछ में उपस्थित नहीं होने के बाद एजेंसी ने यह सख्त कदम उठाया।
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस से निलंबित पार्थ चटर्जी को 22 जुलाई 2022 को इसी नाकतला स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद 23 जुलाई को उन्हें हिरासत में लिया गया था। लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें सशर्त जमानत मिली है। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, भर्ती घोटाले से जुड़े कथित अवैध धन को चटर्जी और उनके करीबी लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने का संदेह है। इसके अलावा, करोड़ों रुपये को शेल कंपनियों के माध्यम से निवेश में लगाने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसमें पूर्व मंत्री की भूमिका की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले की कार्रवाई में उनके आवास से कंप्यूटर और प्रिंटर जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए थे। इस ताजा छापेमारी ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह की जांच गतिविधियां राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि इस भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी के अलावा कई अन्य सरकारी अधिकारी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि कई और लोग अभी भी जांच के दायरे में हैं।




