Wednesday, April 8, 2026
Google search engine
HomeMaharashtraएमएसआरटीसी बस किराए में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी, 15 अप्रैल से लागू

एमएसआरटीसी बस किराए में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी, 15 अप्रैल से लागू

मुंबई। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने 15 अप्रैल से बस किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस निर्णय का सीधा असर गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब अपने गृह नगरों तक पहुंचने के लिए अधिक किराया देना होगा। अनुमान है कि लंबी दूरी की यात्रा पर यात्रियों को करीब 90 से 100 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। एमएसआरटीसी की बसें राज्य में परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन हैं, जो गांवों और शहरों को जोड़ती हैं तथा आम लोगों को किफायती यात्रा का विकल्प प्रदान करती हैं। हालांकि, इस मौसमी किराया वृद्धि से यात्रियों का बजट प्रभावित होना तय है। निगम को पीक सीज़न के दौरान किराए में अस्थायी बढ़ोतरी करने की अनुमति है, जिसके तहत यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले भी दिवाली जैसे व्यस्त समय में 10 प्रतिशत किराया वृद्धि लागू की गई थी, लेकिन जनता के विरोध के बाद उसे वापस लेना पड़ा था। ऐसे में इस बार भी इस फैसले को लेकर विरोध की संभावना जताई जा रही है। नए किराए का असर साधारण (साधी/मिडी), एक्सप्रेस (जलद/सामान्य) और रात्रि सेवाओं पर पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, प्रति स्टेज न्यूनतम किराया वयस्कों के लिए 12 रुपये और बच्चों के लिए 7 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं प्रति स्टेज किराए में भी वृद्धि की गई है—साधारण सेवाओं के लिए 10.05 पैसे से बढ़ाकर 11.05 पैसे और एक्सप्रेस सेवाओं के लिए 10.50 पैसे से बढ़ाकर 11.05 पैसे कर दिया गया है। कुछ प्रमुख मार्गों पर किराए में बदलाव इस प्रकार है—मुंबई से कोल्हापुर (साधारण) का किराया 640 रुपये से बढ़कर 704 रुपये हो गया है, जबकि मुंबई से छत्रपति संभाजी नगर का किराया 800 रुपये से बढ़कर 900 रुपये हो गया है। इसी तरह मुंबई–सोलापुर मार्ग पर किराया 750 रुपये से बढ़कर 825 रुपये, मुंबई–जालना मार्ग पर 800 रुपये से 900 रुपये, मुंबई–लातूर मार्ग पर 900 रुपये से 1,000 रुपये, मुंबई–सांगली मार्ग पर 730 रुपये से 803 रुपये और मुंबई–रत्नागिरी मार्ग पर 600 रुपये से बढ़कर 700 रुपये कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस किराया वृद्धि से जहां निगम को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, वहीं आम यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या जनता के दबाव के चलते इस फैसले में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments