
नवी मुंबई। एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दो अधिकारियों को वाशी स्थित कार्यालय में 20,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में संभागीय अध्यक्ष (क्लास-1 अधिकारी) राजेंद्र माणिक अिहरे और स्टोर विभाग प्रमुख मनोहर लक्ष्मण पवार शामिल हैं। मामला एक इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर के बकाया भुगतान से जुड़ा है, जिसे नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच के 3.16 लाख रुपए के बिल पास कराने थे। आरोप है कि इन बिलों को मंजूरी देने के बदले राजेंद्र अिहरे ने अपने सहयोगी पवार के माध्यम से कुल राशि का 7 प्रतिशत (22,176 रुपए) रिश्वत के रूप में मांगा था, जिसे बाद में बातचीत के बाद 20,000 रुपए पर तय किया गया। ठेकेदार ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए 25 मार्च को एंटी-करप्शन ब्यूरो, नवी मुंबई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 6 अप्रैल को एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर जाल बिछाया। 7 अप्रैल को दोपहर करीब 1 बजे, जैसे ही आरोपी अधिकारी ने अपने केबिन में रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस कार्रवाई की पुष्टि डिप्टी एसपी धर्मराज सोणके ने करते हुए बताया कि आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वाशी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस निरीक्षक किरणकुमार वाघ और उनकी टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक अंजाम दी। शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में क्लास-1 अधिकारी की गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है, वहीं इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।




