
ठाणे। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में तेंदुओं के अवैध शिकार और उनकी खाल की तस्करी के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से चार आरोपी सीधे तौर पर शिकार में शामिल थे, जबकि दो आरोपी तेंदुए की खाल बेचने की कोशिश कर रहे थे।वन विभाग को 29 मार्च को इस अवैध गतिविधि की गोपनीय सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में विशाल वामन बराता, मयूर प्रमोद महात्रे, अनिल सीताराम धवाडे, हर्षद वदर जाधव, दिनेश पगेरा और संतोष गोविंद घोष शामिल हैं।जांच के दौरान आरोपियों के पास से तेंदुए के शिकार में इस्तेमाल होने वाली तार की रस्सियां और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। वन विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि जंगल क्षेत्र में तीन तेंदुओं के शव मिले हैं, जिनके दांत और अन्य अंग निकाल लिए गए थे। आगे की जांच में यह पुष्टि हुई कि येऊर क्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग स्थानों पर कम से कम दो तेंदुओं का शिकार किया गया, जिन घटनाओं के बीच लगभग 5 से 6 महीने का अंतर था।वन विभाग के अनुसार, आरोपी पहले वन मजदूर के रूप में कार्य कर चुके थे और वन क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी का फायदा उठाकर इस अवैध शिकार को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, वहीं अधिकारियों ने साफ किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




