Monday, March 30, 2026
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ई-गवर्नेंस में पर्यावरण विभाग का उत्कृष्ट प्रदर्शन, 159.29 अंकों के साथ पाँचवाँ स्थान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सचिव जयश्री भोज को किया गया सम्मानित

मुंबई। राज्य सरकार के 150-दिवसीय कार्ययोजना के अंतर्गत चलाए गए ई-गवर्नेंस कार्यक्रम में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 159.29 अंकों के साथ मंत्रालयीन विभागों में पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए विभाग की सचिव जयश्री भोज को शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित किया गया, जिनके सांस्कृतिक कार्य एवं आईटी मंत्री आशीष शेलार, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, विभिन्‍न बैठकों के सचिव, जिला पार्षद तथा जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित थे। इस पहल की सफलता पर बोलते हुए सचिव जयश्री भोज ने बताया कि 150-दिवसीय कार्यक्रम के तहत विभाग ने नागरिकों को तेज, पारदर्शी और सुलभ सेवाएं प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया। ई-ऑफिस, डैशबोर्ड, पोर्टल एकीकरण और नई तकनीकों के उपयोग से विभाग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भविष्य में भी डिजिटल सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा अजित पवार तथा मंत्री पंकजा मुंडे से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। 150-दिवसीय ई-गवर्नेंस कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग ने डिजिटल सेवाओं, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित पहलों पर विशेष जोर दिया। विभाग की वेबसाइट पर प्रतिदिन लगभग 3,000 नागरिक आते हैं, और इसे WCAG 2.1 मानकों तथा साइबर सुरक्षा के अनुरूप विकसित किया गया है। ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर विभाग की सभी 7 सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कर दी गई हैं। साथ ही Maitri, ECMPCB और अन्य पोर्टलों के साथ एकीकृत प्रणाली बनाई गई है, जिससे नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक सेवाएं मिल रही हैं। ई-ऑफिस प्रणाली के कारण कार्य में तेजी आई है। मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच लगभग 5,450 फाइलों का निपटारा किया गया, और औसतन 7 दिनों में फाइलें निपटाई जा रही हैं, जिससे प्रशासन अधिक कुशल हुआ है। शिकायत निवारण प्रणाली में भी सुधार हुआ है, और अधिकांश शिकायतें 7 से 15 दिनों के भीतर हल की जा रही हैं। डैशबोर्ड प्रणाली के माध्यम से कार्यों की रियल-टाइम निगरानी संभव हो गई है। इसके अलावा, व्हाट्सऐप चैटबॉट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग कर सेवाओं को और सरल व पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट अनुमति सेवा को व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की अभिनव पहल भी शुरू की गई है। यह सफलता विभाग के डिजिटल परिवर्तन प्रयासों को नई दिशा देती है और नागरिकों को अधिक प्रभावी सेवाएं प्रदान करने में सहायक होगी।

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