Monday, March 30, 2026
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नवी मुंबई में ‘हाई-टेक’ ठग गिरफ्तार: ISRO वैज्ञानिक बनकर 11 महिलाओं से शोषण और लाखों की ठगी

नवी मुंबई (इंद्र यादव)। महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा और ठगी के मामलों के बीच एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नवी मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को ISRO का वैज्ञानिक बताकर राज्यभर की 11 महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। आरोपी की पहचान आदर्श म्हात्रे के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि वह महज 10वीं पास है, लेकिन उसकी बोलचाल और रहन-सहन इतनी प्रभावशाली थी कि वह खुद को कभी ISRO का वैज्ञानिक तो कभी लोक निर्माण विभाग (PWD) का क्लास-वन अधिकारी बताकर महिलाओं को आसानी से भरोसे में ले लेता था।
मैट्रिमोनियल साइट्स से रचता था जाल
आरोपी ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पर कई फर्जी प्रोफाइल बना रखी थीं। वह खासतौर पर डॉक्टर, इंजीनियर और बैंक अधिकारियों जैसी शिक्षित और संपन्न महिलाओं को निशाना बनाता था।
शादी का झांसा, फिर शोषण और ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले शादी का झांसा देकर महिलाओं का विश्वास जीतता था, फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। इसके बाद वह किसी आपात स्थिति या काम के बहाने लाखों रुपये ऐंठ लेता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वह एक महिला से ठगे गए पैसे दूसरी महिला पर प्रभाव जमाने के लिए खर्च करता था। बाकी रकम से वह कैसीनो में जुआ खेलता और आलीशान जिंदगी जीता था।
12 नाम, 11 केस—पूरे महाराष्ट्र में फैला जाल
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी पहचान बदलता रहता था। पुलिस को अब तक उसके 12 फर्जी नामों का पता चला है, जिनमें स्वप्निल वारुले, हेमंत गायकर, नहुश म्हात्रे और रुद्रेश गोंधली शामिल हैं। उसके खिलाफ 11 मामले दर्ज हो चुके हैं। ठगी का नेटवर्क मुंबई, ठाणे, पिंपरी-चिंचवड़, नागपुर और यवतमाल तक फैला हुआ था।
पुलिस की अपील: चुप न रहें
नवी मुंबई पुलिस के निरीक्षक सुनील शिंदे और उनकी टीम ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अपील की है कि बदनामी के डर से कोई भी पीड़ित चुप न रहे और तुरंत सामने आए। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स या सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति से मिलने या पैसे का लेनदेन करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ऑनलाइन दुनिया में दिखने वाली पहचान पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।

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