
मुंबई। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत वर्ष 2022 से 2027 तक असाक्षरों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 के लिए उल्लास ऐप पर पंजीकृत लाभार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान का मूल्यांकन करने के लिए 29 मार्च 2026 को राज्यभर में परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, गुजराती, कन्नड़, तेलुगू, तमिल और बंगाली सहित नौ भाषाओं में आयोजित की गई। निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नवसाक्षरों को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत की ओर से प्रमाणपत्र और अंकपत्र प्रदान किए जाएंगे। इस मूल्यांकन का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं, बल्कि व्यक्तियों में आर्थिक साक्षरता, कानूनी जागरूकता, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन कौशल, स्वास्थ्य जागरूकता, बाल देखभाल, शिक्षा और परिवार कल्याण जैसे जीवन कौशल विकसित करना भी है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। पिछले वर्ष 21 सितंबर 2025 को आयोजित परीक्षा में करीब 5 लाख असाक्षरों ने भाग लिया था। वहीं इस वर्ष केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य में नवपंजीकृत लगभग 1.23 लाख असाक्षरों में से करीब 1 लाख लोगों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर दादाजी भुसे और डॉ. पंकज भोयर सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं। राज्य के सभी जिलों में जिलाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शिक्षा निदेशक, सहनिदेशक, उपनिदेशक, शिक्षा अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों ने ‘जिला परीक्षा निरीक्षक’ के रूप में परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर शिक्षा संचालक (योजना) कृष्णकुमार पाटील ने सभी संबंधित विभागों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।




