
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा प्रोजेक्ट लागू किया है। मंगलवार को विधानसभा में गृहराज्यमंत्री योगेश कदम ने बताया कि इस तरह की उन्नत साइबर सुरक्षा प्रणाली लागू करने वाला महाराष्ट्र एशिया के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। विधानसभा में सदस्य विकास ठाकरे द्वारा उठाई गई चर्चा के जवाब में मंत्री कदम ने कहा कि आर्थिक साइबर अपराधों में ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में शिकायत दर्ज करने में देरी के कारण अपराधी कुछ ही मिनटों में रकम को सैकड़ों खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे नुकसान बढ़ जाता है। कई मामलों में आधे घंटे के भीतर ही रकम 250 से 300 खातों में बांट दी जाती है।
उन्होंने बताया कि राज्य में फिलहाल 50 साइबर पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं और जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। साथ ही ‘महासायबर’ ऐप के जरिए नागरिकों को जागरूक करने और मार्गदर्शन देने की योजना है। साइबर जागरूकता के लिए 43 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसके तहत हर महीने करोड़ों संदेश नागरिकों तक पहुंचाए जाएंगे।
गृहराज्यमंत्री ने बताया कि अब तक 11 हजार संदिग्ध सिम कार्ड पर कार्रवाई की गई है। वहीं, Indian Cyber Crime Coordination Centre के एनसीसीआरपी पोर्टल के माध्यम से 2021 से अब तक करीब 1000 करोड़ रुपये फ्रीज या वापस कराए गए हैं, जबकि चालू वर्ष में ही 120 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं। इसी के साथ राज्य सरकार ने अमली पदार्थों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। गृहराज्यमंत्री योगेश कदम ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है और यदि किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक 15 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त और 10 को निलंबित किया जा चुका है।
सदस्य रोहित पाटील द्वारा उठाए गए सांगली जिले के मुद्दे पर मंत्री कदम ने बताया कि हाल ही में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें कच्चा माल सप्लाई करने वाले, निर्माता, विक्रेता और पेडलर्स सभी को गिरफ्तार किया गया है। यह रैकेट औद्योगिक क्षेत्र में संचालित किया जा रहा था।
राज्य में ड्रग्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है और ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ का गठन किया गया है। एनडीपीएस कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले डेढ़ साल में करीब 17,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जो इस दिशा में तेज कार्रवाई का संकेत है। सरकार ने साफ किया है कि साइबर अपराध और अमली पदार्थों के खिलाफ सख्त रणनीति के साथ समन्वय बढ़ाकर राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जाएंगे।



