
मुंबई। राज्य के मछुआरों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है। यह जानकारी मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नीतेश राणे ने सोमवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक के दौरान दी। मछुआरों की समस्याओं को लेकर आयोजित इस बैठक में विभागीय अधिकारी और विभिन्न मछुआरा संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री राणे ने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के साथ-साथ अन्य योजनाओं के जरिए पारंपरिक मछली पकड़ने के व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मछुआरों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक नाव, जाल और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और अनुदान योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। सरकार तटीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और मत्स्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मंत्री राणे ने कहा कि मछुआरों की आय बढ़ाना और उनका जीवन स्तर सुधारना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे मीठे पानी में मत्स्य पालन की ओर रुख करें, जिसके लिए सरकार प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से राज्य का मछुआरा समुदाय और अधिक सशक्त होगा और मत्स्य व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।




