
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। नगर निगम सभागार में प्रदेश सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति-2025 तथा हीट एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम के महापौर बिहारी लाल आर्य रहे। कार्यशाला का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ भीषण गर्मी से बचाव के उपायों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर बिहारी लाल आर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति-2025 का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को पारिवारिक वातावरण में आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “अतिथि देवो भवः” की परंपरा सदियों से रही है और हम सभी का दायित्व है कि इस भावना को अपने जीवन में संजोए रखें। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि पर्यटन विकास और हीट एक्शन प्लान के क्रियान्वयन में प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए झांसी को स्वच्छ, हरित और विकसित बनाने में सहयोग करें। कार्यशाला में विभिन्न वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। धर्माचार्य हरिओम पाठक ने कहा कि भारतीय धर्मग्रंथों में प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। उन्होंने भीषण गर्मी से बचाव के लिए सत्तू का घोल, मट्ठा, बेल का रस, नींबू पानी और आमपना जैसे स्वदेशी पेय पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि झांसी में पर्यटन विकास के प्रयासों में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश होना चाहिए। उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं हीट एक्शन प्लान के नोडल अधिकारी ने बताया कि झांसी का अधिकांश क्षेत्र पठारी होने के कारण यहां गर्मी का प्रभाव अधिक रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला चिकित्सालय में हीटवेव से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अधिक पानी पीने और काम के दौरान बीच-बीच में आराम करने की सलाह दी। स्वयंसेविका कंचन आहूजा ने कहा कि झांसी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और स्थानीय संस्कृति व स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर इन्हें और विकसित किया जा सकता है। वहीं ट्रैफिक पुलिस के प्रतिनिधि देवेन्द्र ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए नागरिकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की। व्यापारी संजय पटवारी ने कहा कि होमस्टे नीति देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक छायादार वृक्ष लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के उप निदेशक डी.के. शर्मा ने बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पर्यटन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत होमस्टे प्रतिष्ठानों में न्यूनतम और अधिकतम छह किराये योग्य कमरे होने चाहिए तथा इच्छुक लाभार्थी पर्यटन कार्यालय में पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर की गई, जबकि अंत में अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव ने उपस्थित सभी अतिथियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ समाजसेविका एवं शिक्षाविद् डॉ. नीतिशास्त्री ने किया। कार्यक्रम में मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद हाशिम, क्षेत्राधिकारी सदर लक्ष्मीकान्त गौतम, उप नगर आयुक्त वीरेन्द्र कुमार श्रीवास, सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार, सहायक नगर आयुक्त सी.पी. पाण्डेय, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राघवेन्द्र, अपर जिला सूचना अधिकारी सुरेन्द्र पाल सिंह सहित विभिन्न वार्डों के सदस्य, स्वयंसेवक और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।




