
ऑटो-टैक्सी यात्राओं में क्यूआर कोड व एसओएस के जरिए तुरंत पुलिस सहायता, सेवा पूरी तरह निःशुल्क
मुंबई। महिला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गृह विभाग और परिवहन विभाग के सहयोग से ‘बीग्सी’ (BYGSY) नामक एक अभिनव और पूरी तरह निःशुल्क सुरक्षा सेवा की शुरुआत की गई है। शुक्रवार को परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी से शुरू हुआ यह प्रकल्प भविष्य में महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा। महाराष्ट्र पुलिस, मोटर परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और ईटीएस 360 टेक्नोलॉजी सोल्यूशन के संयुक्त सहयोग से मुंबई समेत राज्यभर की काली-पीली टैक्सियों और ऑटो-रिक्शाओं के लिए बीग्सी सेवा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सह परिवहन आयुक्त शैलेश कामत, यातायात के उप आयुक्त अजीत बोगार्डे, मुख्य प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अनिल पाटील तथा बीग्सी के संस्थापक प्रो. निरंजन भट्ट उपस्थित रहे। परिवहन आयुक्त भीमनवार ने कहा कि शहरीकरण के साथ महिलाओं का कामकाजी सफर बढ़ा है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता स्वाभाविक है। दिल्ली के निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी यात्री वाहनों में व्हीकल लोकेशन एंड ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन अनिवार्य किए गए। इसी पृष्ठभूमि में ईटीएस 360 के संस्थापक प्रो. भट्ट और उनकी टीम ने बिना किसी आर्थिक बोझ के महिलाओं को सुरक्षा देने वाला एक वैकल्पिक तकनीकी समाधान विकसित किया। कोरोना काल की चुनौतियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और तकनीकी अड़चनों के बावजूद इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया। परिवहन विभाग, पुलिस तंत्र और कमांड कंट्रोल सेंटर के साथ एकीकृत व्यवस्था के जरिए यह सेवा जमीन पर उतारी गई है। यह सेवा फिलहाल स्वैच्छिक है, लेकिन इसकी व्यापक जनजागृति की आवश्यकता पर आयुक्त ने जोर दिया। ऑटो-रिक्शाओं के पीछे सूचना फलक लगाने, ऐप के उपयोग को बढ़ावा देने और यात्रियों व चालकों के बीच भरोसा कायम करने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि इस पहल की सफलता त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और 112 पुलिस नियंत्रण कक्ष की सतत तत्परता पर निर्भर करेगी। महिला सुरक्षा के लिए यह मॉडल पूरे देश के लिए आदर्श बन सकता है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- मुंबई व महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के लिए बीग्सी/ईटीएस 360 महिला सुरक्षा योजना लागू।
- महाराष्ट्र मोटर वाहन विभाग और पुलिस विभाग के सहयोग से ईटीएस 360 के साथ हुए समझौते के तहत संचालन।
- वाहन में क्यूआर कोड सहित चालक व वाहन पहचान पैनल लगाया गया।
- बीग्सी ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करने पर गूगल मैप पर वाहन का लाइव रूट दिखाई देता है।
- ऐप में मौजूद एसओएस बटन दबाते ही वाहन, चालक और यात्री की जानकारी सीधे 112 पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचती है।
- नजदीकी गश्ती पुलिस वाहन 5 से 6 मिनट में सहायता उपलब्ध कराता है।
- मुंबई इस तकनीक को लागू करने वाला देश का पहला शहर और महाराष्ट्र पहला राज्य बना।
- सेवा पूरी तरह निःशुल्क—सरकार, चालक और नागरिक, किसी पर भी कोई खर्च नहीं।
- योजना का खर्च कॉर्पोरेट फंड, दान और प्रायोजकों के माध्यम से वहन किया जा रहा है।
- बीग्सी सेवा 23 जनवरी 2026, वसंत पंचमी के दिन आधिकारिक रूप से शुरू की गई।




