हार की हताशा संवैधानिक संस्थाओं पर भ्रम फैला रहे राहुल गांधी: रामकिशोर कांवरे

बालाघाट,मध्य प्रदेश। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा निर्वाचन आयोग और विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष, पूर्व मंत्री रामकिशोर ‘नानो’ कावरे ने इसे कांग्रेस की वैचारिक और राजनीतिक हताशा का प्रतीक बताया है। रामकिशोर कावरे ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, तब उसे ईवीएम, निर्वाचन आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में दोष दिखने लगता है। यह रवैया ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’ जैसी स्थिति को चरितार्थ करता है।
पूरी तरह पारदर्शी: भाजपा जिलाध्यक्ष
एसआईआर के पूरे अभियान में अकेले मध्य प्रदेश के 65,014 पोलिंग बूथों पर 1,35,882 बूथ लेवल एजेंट तैनात रहे, जिनमें कांग्रेस और अन्य पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल थे। ऐसे में प्रक्रिया पर सवाल उठाना सीधे तौर पर जमीनी कार्यकर्ताओं के परिश्रम का अपमान है।रामकिशोर कावरे ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्षों तक विपक्ष में रहकर जनहित में संघर्ष किया है, लेकिन कभी भी देश की संवैधानिक संस्थाओं या न्यायपालिका की साख पर हमला नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष के जिम्मेदार पद पर रहते हुए राहुल गांधी को संस्थाओं की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
कांग्रेस का दोहरा रवैया: कांवरे
उन्होंने कहा, जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां उन्हें न तो निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया से शिकायत होती है और न ही मतदाता सूची से। परंतु जहां जनता उन्हें नकार देती है, वहां वे बिना किसी ठोस सबूत के संस्थाओं पर आरोप लगाने लगते हैं। श्री कांवरे ने कहा, यदि राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज या सबूत हैं, तो उन्हें देश की जनता और आयोग के सामने सार्वजनिक करना चाहिए। बिना तथ्यों के अनर्गल बयानबाजी कर देश में भ्रम की स्थिति पैदा करना लोकतंत्र के हित में नहीं है। भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे ने कहा कि कांग्रेस को बार-बार मिल रही पराजय के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने के बजाय अपने नेतृत्व, नीतियों और कार्यशैली पर आत्ममंथन करना चाहिए। देश की जनता अब जागरूक है और भ्रम फैलाने की इस राजनीति को भली-भांति समझती है।

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