
मुंबई। महाराष्ट्र भर में भारी बारिश लगातार जारी है, जिससे मुंबई, कोंकण, विदर्भ और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नवी मुंबई और ठाणे में भी तेज बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं। मराठवाड़ा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नांदेड़ में 3, बीड में 2 और हिंगोली में 1 व्यक्ति की जान गई है। प्रशासन ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और नासिक के घाट इलाकों में मंगलवार के लिए रेड अलर्ट और रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई के निचले इलाकों में पानी भरने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ है और स्थानीय परिवहन व्यवस्था बाधित हो गई है। एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। अगले 48 घंटे तक मुंबई, ठाणे और कोंकण में रेड अलर्ट प्रभावी रहेगा। मराठवाड़ा में नांदेड़ जिले के मुखेड़ तालुका में बादल फटने जैसी स्थिति बनी, जिससे कई गांवों में तबाही मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 4 से 5 लोग पानी में बह गए। एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बुलढाणा जिले के चिखली और मेहकर तालुका में लगातार बारिश से स्थिति गंभीर हो गई है। प्रशासन ने मंगलवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है। माना परियोजना के पांच गेट खोल दिए गए हैं और नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की गई है। हिंगोली जिले में नदियों और नालों में बाढ़ का पानी उफान पर है। पैंगंगा नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है और ईसापुर बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। रायगढ़ जिले में भी हालात बिगड़ रहे हैं। महाड और पोलादपुर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। महाड शहर के स्कूलों के खेल मैदानों में पानी भर जाने से छात्रों की प्रतियोगिताओं की तैयारियां प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिन तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है।




