
मुंबई। श्रीमंत राजे रघुजी भोसले की ऐतिहासिक तलवार अब महाराष्ट्र में लौट आई है। इस तलवार के लोकार्पण और प्रदर्शन समारोह का आयोजन प्रभादेवी स्थित पी.एल.देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी में किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, मुधोजी राजे भोसले, विधायक श्रीकांत भारतीय, विधायक संजय उपाध्याय, विधायक राणा जगजीतसिंह पाटिल, विधायक संजय कुटे, सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी, निदेशक मीनल जोगलेकर, निदेशक डॉ. तेजस गर्गे सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि रघुजी राजे भोसले की तलवार नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का कार्य करेगी। नागपुर के भोंसलाओं का इतिहास वीरता का इतिहास है और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि यूनेस्को द्वारा सूचीबद्ध 12 किलों, छत्रपति शिवाजी महाराज के वाघनाखे जैसे धरोहरों से हम अपने गौरवशाली अतीत से पुनः जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हजारों ऐतिहासिक धरोहरों को पुनः प्राप्त किया गया है और यह प्रयास भविष्य में भी जारी रहेगा। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि रघुजी राजे भोसले की तलवार केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि स्वराज्य का प्रतीक है जो पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। उन्होंने इसे सांस्कृतिक पुनर्जन्म बताते हुए कहा कि रघुजी राजे भोसले ने छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलते हुए साम्राज्य का विस्तार बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना तक किया। इस तलवार की वापसी ‘विरासत से विकास’ की अवधारणा का सजीव उदाहरण है। इस अवसर पर श्रीमंत रघुजी राजे भोसले के वंशज मुधोजी राजे भोसले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने “मैराठ्याचा दारारा” पुस्तक का विमोचन भी किया।




