समृद्धि महामार्ग पर 350 किलो गांजा जब्त, दो वाहनों से करीब 2 करोड़ का माल बरामद

वाशिम। राज्य के विकास को गति देने वाला समृद्धि महामार्ग पिछले कुछ समय से चोरी, लूट और तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। मंगलवार को वाशिम पुलिस ने महामार्ग पर दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए दो ट्रकों से करीब 350 किलो गांजा जब्त किया है। दोनों मामलों में गांजा, वाहन और अन्य सामान मिलाकर लगभग 2 करोड़ रुपये का मुद्देमाल जब्त किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। पहली कार्रवाई समृद्धि महामार्ग पर मालेगांव पुलिस थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक के जरिए गांजे की तस्करी की जा रही है। गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया तो चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान ट्रक से करीब 150 किलो गांजा बरामद किया गया। दूसरी बड़ी कार्रवाई समृद्धि महामार्ग के कारंजा क्षेत्र में हुई। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की पुलिस से मिली सूचना के आधार पर वाशिम पुलिस ने एक आयशर ट्रक को रोका। जांच के दौरान पता चला कि तस्करों ने ट्रक की केबिन के भीतर गोपनीय तरीके से गांजा छिपाने की व्यवस्था कर रखी थी। तलाशी में वाहन से करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ। इस प्रकार दोनों कार्रवाई में कुल 350 किलो गांजा जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक दो ट्रकों सहित जब्त सामान की कुल कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई है। वाशिम के पुलिस अधीक्षक निकेश खाटमोडे पाटील ने बताया कि गांजा विरोधी अभियान के तहत दोनों कार्रवाई की गई हैं। मालेगांव क्षेत्र में पकड़े गए ट्रक का चालक पुलिस को देखते ही फरार हो गया था, जिसकी तलाश की जा रही है। वहीं दूसरे मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस से मिली सूचना महत्वपूर्ण साबित हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था, इसकी डिलीवरी कहां होनी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच के बाद आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट होने की संभावना है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है—क्या समृद्धि महामार्ग तस्करों के लिए अवैध माल की आवाजाही का आसान रास्ता बनता जा रहा है? कुछ समय पहले महामार्ग पर निजी वाहनों को रोककर लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई थीं। अब एक ही दिन में दो ट्रकों से भारी मात्रा में गांजा मिलने के बाद महामार्ग पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत सामने आई है।
