
मुंबई। राज्य के 271 परिवहन डिपो को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के अंतर्गत एक आय-सक्षम शहरी डिपो के साथ दो ग्रामीण या तालुका स्तर के डिपो को मिलाकर तीन डिपो का एक पैकेज तैयार किया जाएगा। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। बुधवार को यह जानकारी परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानपरिषद में प्रश्नोत्तर काल के दौरान दी। इस विषय पर सदस्य विक्रम काळे ने प्रश्न उठाया, जबकि सदाभाऊ खोत और भाई जगताप ने पूरक प्रश्न पूछे। मंत्री सरनाईक ने बताया कि राज्य के बस स्टेशनों पर शौचालयों को निःशुल्क और स्वच्छ रखने के लिए स्वतंत्र ठेकेदार नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। अगले दो महीनों में इस योजना को लागू किया जाएगा और यात्रियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रायोगिक आधार पर ठाणे के खोपट तथा मुंबई विभाग के मुंबई सेंट्रल बस स्टेशन पर चालक-परिचालक विश्रामगृहों का अत्याधुनिक तरीके से नवीनीकरण किया गया है। इनमें वातानुकूलित सुविधा, बंक बेड, स्वच्छ पेयजल और गर्म पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले विज्ञापन और अन्य स्रोतों से महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम को प्रतिवर्ष लगभग 22 करोड़ रुपये की आय होती थी, लेकिन नई निविदा प्रक्रिया के बाद अगले पांच वर्षों में लगभग 250 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है।




