शिव की आराधना से बदल सकती है भाग्य की रेखा : प्रदीप मिश्रा

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के ग्राम गौरी में आयोजित शिवदीप महाशिवपुराण कथा के तीसरे दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की महिमा, पूजा-पाठ और भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान शिव, माता-पिता और गुरु को कोई कितने भी जन्म ले ले, पूरी तरह समझ नहीं सकता। महाशिवपुराण स्वयं भगवान शिव का स्वरूप है और जिस स्थान पर इसकी कथा होती है, वहां भगवान शिव की उपस्थिति मानी जाती है। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि विधाता भाग्य लिखते हैं, लेकिन भगवान शिव उसे बदलने की शक्ति रखते हैं। जो भक्त प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल चढ़ाता है और भगवान के सामने दीपक जलाता है, उसे वह भी प्राप्त हो सकता है जो उसके भाग्य में नहीं लिखा होता। उन्होंने कहा कि प्रदोष काल में की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती और भक्त को भगवान शिव की कृपा से वैभव प्राप्त होता है। उन्होंने प्रातःकाल, दोपहर और रात्रि में पूजा करने के महत्व का भी वर्णन किया। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कभी पूजा के लिए रुपये-पैसे खर्च करने की बात नहीं कही, बल्कि हमेशा ‘एक लोटा जल, सारी समस्याओं का हल’ का संदेश दिया है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती के श्रीशैलम की पहाड़ियों में भ्रमण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि माता पार्वती ने जब भगवान शिव से पूछा कि मनुष्य का कौन-सा कार्य उन्हें सबसे अधिक प्रिय है, तो भगवान ने बताया कि शिवलिंग पर जल अर्पित करना उन्हें प्रिय है। भक्त एक लोटे से ही नहीं, बल्कि हथेली से भी जल चढ़ाए तो भगवान उसे स्वीकार करते हैं। इसके लिए मन में श्रद्धा, विश्वास और आस्था होना जरूरी है। उन्होंने नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाने की महत्ता बताते हुए कहा कि भगवान शिव की आराधना से भक्त को महामृत्युंजय की कृपा प्राप्त होती है। कथा के दौरान उन्होंने हथेली से शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल को ग्रहण करने से आत्मशिवलिंग की तृप्ति और जीवन की व्याधियों से मुक्ति की बात भी कही। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, एमएलसी अंगद सिंह, विधायक श्रीकांत कटियार, अमितेश सिंह नंदू, सौरभ सिंह और नीरज यादव सहित कई लोगों ने पहुंचकर पंडित प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर काशी की महिमा का उल्लेख करते हुए ‘सोई किस्मत जगा देगी चरण रज काशी की, तेरी किस्मत बदल देगी चरण रज काशी की’ पंक्तियां भी सुनाई गईं। उन्नाव में दूसरा कुबेर धाम बनाने की मांग: कथा के दौरान उन्नाव में सीहोर की तर्ज पर दूसरा धाम बनाने का अनुरोध भी किया गया। अरुण सिंह ने इस संबंध में अपनी इच्छा व्यक्त की। इस पर प्रदीप मिश्रा ने कहा कि लखनऊ और कानपुर के लोगों ने भी समुद्र मंथन की तरह प्रयास किए, लेकिन उन पर भगवान शिव की कृपा नहीं हुई। उन्नाव के लोगों पर निसंदेह शिव की कृपा है। उन्होंने कहा कि यदि भगवान शिव की कृपा हुई तो उन्नाव में दूसरा कुबेर धाम बनाने की इच्छा जरूर पूरी हो सकती है। ‘जो विचलित है, वही व्यस्त है’: प्रदीप मिश्रा ने आज की जीवनशैली और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति सबसे अधिक व्यस्त है और मोबाइल में मस्त रहता है। लोगों के पास भगवान के लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जो विचलित है, वही व्यस्त है।’ जो व्यक्ति थोड़ा-सा समय भी भगवान शिव को दे देता है, वह कभी व्यस्त नहीं रह सकता।
