
मुंबई। एक सुखद और भावुक घटनाक्रम में पिछले 12 वर्षों से लापता एक महिला आखिरकार अपने परिवार से मिल गई। मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र के परभणी जिले में उसके रिश्तेदारों का पता लगाकर इस लंबे समय से लंबित मामले का सफल समाधान किया। यह पुनर्मिलन मुंबई पुलिस और बेघर व्यक्तियों के साथ कार्यरत एक सामाजिक संगठन के समन्वित प्रयासों का परिणाम रहा। मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 13 जनवरी 2026 को महिला दक्षिण मुंबई के जेजे जंक्शन क्षेत्र में पाई गई थी। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने बताया कि वर्षों पहले उसका अपने परिवार से संपर्क टूट गया था और उसके पास उनसे संपर्क करने का कोई साधन नहीं था। इसके बाद सर जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने महिला को आगे की पूछताछ के लिए थाने लाया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेशानुसार महिला की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए उसे चेंबूर स्थित एक आश्रय गृह में रखा गया, जबकि उसके परिजनों की तलाश जारी रखी गई। भिक्षावृत्ति और बेघर लोगों से जुड़े मामलों में काम करने वाली फील्ड एक्शन परियोजना ‘कोशिश’ की मदद से पुलिस ने महिला की पृष्ठभूमि की पहचान की प्रक्रिया शुरू की। निरंतर प्रयासों के बाद आखिरकार परभणी जिले में उसके रिश्तेदारों का पता चला। आगे के सत्यापन में सामने आया कि महिला पिछले 12 वर्षों से लापता थी और समय के साथ उसके परिवार ने उसे ढूंढ पाने की उम्मीद भी लगभग छोड़ दी थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने रिश्तेदारों से समन्वय स्थापित कर सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्मिलन की व्यवस्था की। पहचान की पुष्टि और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद महिला को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे एक दशक से अधिक समय से अनसुलझा मामला समाप्त हो गया। यह मामला बेघर और लापता व्यक्तियों से जुड़े मुद्दों के समाधान में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सामाजिक संगठनों के बीच तालमेल के महत्व को रेखांकित करता है। इस सफल पुनर्मिलन की व्यापक सराहना हो रही है और वर्षों से बिछड़े परिवार को फिर से मिलाने के लिए मुंबई पुलिस तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की प्रशंसा की जा रही है।




