
मुंबई। हिंदी सिनेमा की दमदार अभिनेत्रियों में शुमार विद्या बालन ने अपने अभिनय से ‘परिणीता’, ‘कहानी’, ‘द डर्टी पिक्चर’ और ‘तुम्हारी सुलु’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाकर अलग पहचान बनाई है। हालांकि, उनके अभिनय करियर की शुरुआत आसान नहीं रही। एक समय ऐसा भी था जब उनकी मां उनके फिल्म और अभिनय की दुनिया में जाने के पूरी तरह खिलाफ थीं। विद्या बालन ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि उनकी मां को लगता था कि एक दक्षिण भारतीय परिवार की लड़की के लिए फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाना उचित नहीं है। वह अक्सर उनके पिता से कहती थीं कि विद्या को अभिनय का विचार छोड़ने के लिए समझाएं। यहां तक कि उनका मानना था कि यदि विद्या के नाना जीवित होते, तो वह उन्हें कभी अभिनेत्री बनने की अनुमति नहीं देते। हालांकि, परिस्थितियां उस समय बदल गईं जब निर्माता एकता कपूर ने विद्या बालन को लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘हम पांच’ में राधिका का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया। उस समय यह शो देश के सबसे लोकप्रिय पारिवारिक धारावाहिकों में से एक था और विद्या की मां भी इसकी नियमित दर्शक थीं। चूंकि उन्हें यह एक साफ-सुथरा और पारिवारिक कार्यक्रम लगता था, इसलिए उन्होंने खुशी-खुशी विद्या को इसमें काम करने की अनुमति दे दी। विद्या बालन लगभग डेढ़ वर्ष तक ‘हम पांच’ का हिस्सा रहीं और अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। हालांकि बाद में कॉलेज में कम उपस्थिति (अटेंडेंस) के कारण उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए यह धारावाहिक छोड़ना पड़ा। लेकिन तब तक उन्होंने तय कर लिया था कि अभिनय ही उनका भविष्य होगा। ‘हम पांच’ भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी धारावाहिकों में से एक माना जाता है। इसका पहला प्रसारण वर्ष 1995 से 1999 के बीच हुआ था। धारावाहिक की कहानी आनंद माथुर और उनकी पांच बेटियों के इर्द-गिर्द घूमती थी, जिनकी शरारतें और मजेदार घटनाएं दर्शकों को खूब पसंद आईं। शो में अशोक सराफ, राखी टंडन, भैरवी रायचुरा और वंदना पाठक सहित कई कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। वर्ष 2005 में इसका दूसरा सीजन भी प्रसारित किया गया। विद्या बालन के लिए ‘हम पांच’ केवल एक टीवी शो नहीं, बल्कि उनके अभिनय करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इसी धारावाहिक ने उन्हें शुरुआती पहचान दिलाई और उनकी मां की अभिनय को लेकर बनी सभी आशंकाओं को भी दूर कर दिया। इसके बाद विद्या ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और सम्मानित अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई।



