गिरफ्तारी और हिरासत से नहीं डरेंगे, लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं: अभिजीत दिपके

सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद आगे की रणनीति तय करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, कानूनी मामलों पर वृंदा करात से मुलाकात करेंगे दिपके

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने रविवार को आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने की घटनाओं के जरिए उन्हें डराने और दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कार्रवाइयों से उनका हौसला कमजोर नहीं होगा और वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। दिपके ने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद सभी सहयोगी एक साथ बैठकर अब तक के घटनाक्रम की समीक्षा करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति पर नए सिरे से विचार कर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने पिछले कुछ दिनों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए गिरफ्तारियों और हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया। दिपके ने आरोप लगाया कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य उनके सहयोगियों पर दबाव बनाना और आंदोलन को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि वे न तो डरने वाले हैं और न ही पीछे हटने वाले हैं। यह एक लंबी लड़ाई है और वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सौरव और आशुतोष की रिहाई के बाद होगी बैठक
अभिजीत दिपके ने उम्मीद जताई कि सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों की वापसी के बाद सभी सहयोगी बैठक करेंगे और आगामी कार्यक्रमों तथा कानूनी विकल्पों पर चर्चा की जाएगी। दिपके के अनुसार, आगे की कार्रवाई किसी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सभी सहयोगियों से विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी।
कानूनी मामलों पर वृंदा करात से करेंगे चर्चा
दिपके ने बताया कि वे कुछ कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए वामपंथी नेता वृंदा करात से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कानूनी पहलुओं पर विचार करना आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि बैठक में किन विशेष मामलों पर चर्चा होगी या इसके बाद क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। दिपके ने दोहराया कि गिरफ्तारी और हिरासत जैसी कार्रवाइयों के बावजूद वे अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर दिपके ने उम्मीद व्यक्त की है, लेकिन उनकी रिहाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसी तरह गिरफ्तारियों और हिरासत की कार्रवाई को गैरकानूनी बताने संबंधी उनके आरोपों पर पुलिस या संबंधित प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं है।

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