Wednesday, May 13, 2026
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नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ 2027 के लोगो का अनावरण

मुंबई। सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के आधिकारिक लोगो का अनावरण बुधवार को मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। कुंभमेले के लोगो के लिए कुंभमेला प्राधिकरण की ओर से देशव्यापी डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें 3 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पुणे के सुमित काटे को तीन लाख रुपये का पुरस्कार और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। वहीं नोएडा के मयांक नायक को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप दो लाख रुपये तथा पंढरपुर के पीयूष पिंपळनेरकर को तृतीय पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये और सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता की प्रविष्टियों का मूल्यांकन प्रसिद्ध डिजाइन विशेषज्ञों की समिति ने किया। समिति में प्रसून जोशी, अश्विनी देशपांडे, मंदार राणे, वृषाली केकणे (देशमुख), बारिश दाते, विनय नारंग, डॉ. प्राजक्ता बास्ते, प्रफुल्ल सावंत, डॉ. दिनेश वैद्य, अँथनी लोपेझ और डॉ. किरण शिंदे शामिल थे। चयन प्रक्रिया में सृजनशीलता, नवाचार, ब्रांड पहचान और प्रस्तुतीकरण को प्रमुख आधार बनाया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी विशेषज्ञों का सम्मान भी किया।कार्यक्रम में कुंभमेला मंत्री गिरीश महाजन, अन्न एवं नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, उद्योग मंत्री उदय सामंत, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, नाशिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, कुंभमेला प्राधिकरण आयुक्त शेखर सिंह सहित विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने साधु-संतों का स्वागत भी किया।
लोगो की खासियत
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ 2027 का यह लोगो नासिक और त्र्यंबकेश्वर की धार्मिक परंपरा और पवित्र भूगोल को दर्शाता है।
भगवान शिव का त्रिशूल आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का प्रतीक है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर की आकृति क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
कालाराम मंदिर की कमान और गोदावरी नदी को शिवलिंग के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो कुंभमेले के पवित्र स्नान की परंपरा को रेखांकित करता है।
यह लोगो MyGov और एसोसिएशन ऑफ डिजाइनर्स ऑफ इंडिया के संयुक्त सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया। प्रतियोगिता 20 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित हुई थी, जिसमें 70 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित कुल 3,067 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। महाराष्ट्र के प्रतिभागियों ने सबसे अधिक हिस्सा लिया, जबकि दिल्ली और तमिलनाडु क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

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