मुंबई में खुला यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का पहला भारतीय कैंपस
फडणवीस ने किया UWA इंडिया कैंपस का उद्घाटन; मुंबई-चेन्नई कैंपस पर करीब 80 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश, तीन भारतीय विद्यार्थियों को 100% स्कॉलरशिप

मुंबई। मुंबई को वैश्विक स्तर पर ज्ञान, नवाचार, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की महाराष्ट्र सरकार की कोशिशों को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया (UWA) इंडिया के मुंबई कैंपस का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य के उद्योग, अनुसंधान और वैश्विक शिक्षा की मजबूत पारिस्थितिकी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उद्घाटन समारोह में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक, UWA की चांसलर डॉ. डायन स्मिथ-गैंडर, कुलपति प्रो. अमित चकमा, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शोध-आधारित विश्वविद्यालयों में शामिल UWA का भारत में अपना पहला कैंपस मुंबई में स्थापित करना महाराष्ट्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित ‘ग्रुप ऑफ एट’ में शामिल विश्वविद्यालयों में UWA भारत में कैंपस शुरू करने वाला पहला विश्वविद्यालय बना है। यह फैसला मुंबई की क्षमता और वैश्विक स्तर पर उसके बढ़ते महत्व को दर्शाता है। फडणवीस ने कहा कि मुंबई पहले से देश की आर्थिक, व्यावसायिक और मनोरंजन राजधानी है, लेकिन राज्य सरकार का लक्ष्य अगली पीढ़ी के लिए इसे वैश्विक ज्ञान और नवाचार केंद्र के रूप में भी विकसित करना है। इसके लिए मुंबई के निकट विकसित किए जा रहे ‘मुंबई 3.0’ प्रोजेक्ट में एजुकेशन सिटी, मेडी-सिटी, इनोवेशन सिटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर इकोसिस्टम तथा अनुसंधान और उद्योग विकास के नए केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बाद भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के लिए नए रास्ते खुले हैं। पहले भारतीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना पड़ता था, लेकिन अब दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस स्थापित कर रहे हैं और इस दिशा में महाराष्ट्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि UWA के मुंबई कैंपस में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण के साथ देश की प्रमुख वित्तीय संस्थाओं, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, प्रौद्योगिकी उद्योगों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और उद्यमियों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। फडणवीस ने कहा कि वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के पास उत्कृष्ट क्षमताएं हैं, जबकि महाराष्ट्र के पास बड़े पैमाने पर प्रतिभा और अवसर उपलब्ध हैं। दोनों क्षेत्रों के बीच ज्ञान आधारित साझेदारी भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का मजबूत स्तंभ बन सकती है। उन्होंने UWA को महाराष्ट्र की भविष्य की विकास यात्रा का भागीदार बताते हुए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक ने मुंबई में UWA कैंपस की शुरुआत को वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और भारत, विशेष रूप से महाराष्ट्र के संबंधों में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 30 वर्षों से मुंबई, भारत में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी का प्रमुख केंद्र रही है। शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, उद्योग और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्र में दोनों पक्षों के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। कुक ने कहा कि मुंबई कैंपस विद्यार्थियों के लिए वैश्विक शिक्षा, शोध, उद्योगों के साथ सहयोग और अंतरराष्ट्रीय करियर के नए अवसर पैदा करेगा। इससे भारत और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के बीच ज्ञान, नवाचार और कौशल विकास पर आधारित साझेदारी भी मजबूत होगी। UWA की चांसलर डॉ. डायन स्मिथ-गैंडर ने बताया कि विश्वविद्यालय के मुंबई और चेन्नई कैंपस के लिए करीब 80 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश किया गया है। उन्होंने इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भारत की नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ज्ञान, अवसर और वैश्विक स्तर पर जुड़ने के नए मंच उपलब्ध कराएगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई में UWA कैंपस स्थापित करने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से तीन भारतीय विद्यार्थियों के लिए 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप घोषित किए जाने का स्वागत किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक विश्वस्तरीय शिक्षा भारत में उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को विदेश जाकर पढ़ाई करने पर होने वाले खर्च में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि UWA की अनुसंधान-केंद्रित गतिविधियों से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। फडणवीस ने बताया कि राज्य में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कैंपस प्रस्तावित ‘एजुकेशन सिटी’ में स्थापित किए जा रहे हैं और भविष्य में यहां करीब एक लाख विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों, आधुनिक बुनियादी ढांचे, अनुसंधान और प्रतिभाशाली मानव संसाधन के मेल से महाराष्ट्र को वैश्विक शिक्षा एवं नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
