गोरेगांव पब्लिक टॉयलेट में जहरीली गैस से दो युवकों की मौत, पास की इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट पर पुलिस को शक
सीनियर PI अब्दुल शेख बोले— इलेक्ट्रोप्लेटिंग के दौरान निकली केमिकल गैस वॉशरूम तक पहुंचने की आशंका, यूनिट मालिक की तलाश जारी

मुंबई। गोरेगांव ईस्ट में राम मंदिर रेलवे स्टेशन के पास एक पब्लिक टॉयलेट के अंदर कथित जहरीली गैस की चपेट में आने से दो युवकों की मौत के मामले में वनराई पुलिस की जांच पास में स्थित एक छोटी इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट पर केंद्रित हो गई है। वनराई पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल शेख ने रविवार को बताया कि यूनिट में इलेक्ट्रोप्लेटिंग का काम चल रहा था और आशंका है कि इसी दौरान निकली केमिकल युक्त गैस पास के सार्वजनिक शौचालय में फैल गई होगी। पुलिस के मुताबिक, दोनों युवक पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करने गए थे और आशंका है कि अंदर मौजूद केमिकल गैस की चपेट में आने के कारण उनकी मौत हुई। हालांकि गैस किस रसायन से बनी थी और वह शौचालय के भीतर कैसे तथा कितनी देर तक मौजूद रही, इसकी जांच अभी जारी है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल शेख ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस की जांच जारी है और BMC, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, फायर ब्रिगेड तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें जांच में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि घटना के समय संदिग्ध इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट का मालिक वहां मौजूद नहीं था और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में युवकों की मौत के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतकों की पहचान 24 वर्षीय प्रभाकर धनीवर और 18 वर्षीय भाविन देसाई के रूप में हुई है। घटना 27 सितंबर को गोरेगांव ईस्ट में मृणालताई ब्रिज के पास पारसी पंचायत गेट और राम मंदिर रेलवे स्टेशन इलाके के नजदीक स्थित पब्लिक टॉयलेट में सामने आई। दोनों युवकों को ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां घटनास्थल तथा इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट की जांच कर रही हैं। जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि कौन-सा केमिकल इस्तेमाल किया जा रहा था, गैस पब्लिक टॉयलेट तक कैसे पहुंची और घटना के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार थी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
