विधान परिषद चुनाव में हार के बाद महायुति में घमासान, भाजपा-शिंदे शिवसेना आमने-सामने
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिंदे गुट पर लगाया सहयोग नहीं करने का आरोप, रविंद्र धंगेकर ने कहा—सरकार के प्रति नाराजगी को समझे नेतृत्व

मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों के नतीजों के बाद सत्ताधारी महायुति में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने और तीन सीटें गंवाने के बाद भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर हार के लिए शिंदे गुट की शिवसेना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि शिवसेना ने महायुति के सहयोगी दलों भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का साथ दिया होता, तो गठबंधन पांचों सीटें जीत सकता था। बन के मुताबिक, पुणे की एक सीट पर शिवसेना की महत्वाकांक्षा के कारण सहयोगी दलों को नुकसान हुआ और तीन सीटों पर जीत का अवसर हाथ से निकल गया।
शिंदे गुट ने भाजपा के आरोपों को नकारा
भाजपा के आरोपों पर जवाब देते हुए पुणे में शिंदे गुट की शिवसेना के नेता रविंद्र धंगेकर ने कहा कि हार का ठीकरा शिवसेना पर फोड़ना गलत है। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं के बीच सरकार को लेकर नाराजगी दिखाई दे रही है और नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। धंगेकर ने कहा कि शिक्षकों के मतदान से भी सरकार के प्रति असंतोष के संकेत मिलते हैं। उनके अनुसार, सरकार के बारे में संदेह और नाराजगी पैदा होने पर ऐसे चुनावी परिणाम सामने आ सकते हैं।
एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग
धंगेकर ने राज्य के नेतृत्व में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब भाजपा और शिवसेना की सत्ता आई थी। उनके मुताबिक, शिंदे लोकतंत्र में जनता और सरकार के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर सकते हैं। धंगेकर ने नवनाथ बन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले ही सहयोग और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाना चाहिए था। उनके बयान को मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बदलाव की अप्रत्यक्ष मांग के रूप में देखा जा रहा है। विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद महायुति के भीतर उभरी यह खींचतान आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनी रह सकती है।
