टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस को 31 अक्टूबर तक कस्टडी
कोटा से मुंबई लाए गए फूल सिंह, ऋतिक कुमार और रेहान अंसारी, हथियार और मोबाइल फोन अब भी बरामद नहीं

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को बुधवार को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान फूल सिंह, ऋतिक कुमार और रेहान अंसारी के रूप में हुई है। तीनों को बुधवार तड़के राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया। कोर्ट में पेश किए जाने से पहले उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी और अभियोजन पक्ष ने तीनों की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा कि फायरिंग की साजिश, आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए उनसे आगे पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने अदालत को बताया कि इस मामले में हरियाणा और दिल्ली से पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। इन आरोपियों को भी आगे की जांच के लिए मुंबई लाया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त राज तिलक रौशन के अनुसार, दो पुरुष आरोपियों की कथित भूमिका अमृतसर से हथियार हासिल करने और उन्हें मुंबई पहुंचाने से जुड़ी थी। पुलिस का दावा है कि हथियार मुंबई तक पहुंचाने के लिए दो महिलाओं को कूरियर के रूप में इस्तेमाल किया गया। इन महिलाओं ने कथित तौर पर हथियार शूटरों को सौंपे, जिनका इस्तेमाल 18 अक्टूबर की फायरिंग में किया गया। पुलिस के अनुसार, तीसरे पुरुष आरोपी पर शूटरों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने का आरोप है। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार अब तक बरामद नहीं किए जा सके हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन नष्ट कर दिए गए हैं। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फोन किस तरह नष्ट किए गए और उनसे जुड़ा डिजिटल डेटा किस हद तक हासिल किया जा सकता है। रेहान अंसारी की ओर से पेश अधिवक्ता अजिंक्य मिरगल ने पुलिस हिरासत बढ़ाने का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी को पहले ही ट्रांजिट रिमांड पर कोटा से मुंबई लाया जा चुका है और मामले में कई अन्य गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं, इसलिए उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलें स्वीकार करते हुए तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब हथियारों की बरामदगी, मोबाइल फोन, फंडिंग, रेकी और पूरे नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएगी।
