
उल्हासनगर। राज्य में शुरू हुए महानगरपालिका चुनावों के प्रचार अभियान के तहत बुधवार शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित भव्य जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश विभाजन की त्रासदी झेलकर सिंधी समाज ने उल्हासनगर में आकर बेहद कठिन परिस्थितियों में अपना आशियाना बसाया, लेकिन दुर्भाग्यवश अब तक की सरकारों ने इस शहर के समग्र विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब उनकी सरकार का लक्ष्य उल्हासनगर को एक “उन्नत उल्हासनगर” के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए यह भी कहा कि अब शहर में गुंडों का नहीं, बल्कि कानून का राज चलेगा और गुंडों से कैसे निपटना है, यह देवा भाऊ को अच्छी तरह आता है, यह सभी जानते हैं। सी-ब्लॉक परिसर स्थित सेंचुरी मैदान में आयोजित इस सभा में मुख्यमंत्री ने उल्हासनगर की सबसे बड़ी समस्या अवैध और जर्जर इमारतों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इनके पुनर्विकास के लिए सरकार जल्द ही एक नई नीति लेकर आ रही है, जिसके तहत नागरिकों को सुरक्षित, पक्के और बेहतर घर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एमएमआर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी शहरों का विकास एमएमआरडीए के माध्यम से किया जा रहा है और इसी योजना के तहत उल्हासनगर में भी यातायात व्यवस्था में सुधार, जल समस्या का स्थायी समाधान और झोपड़पट्टीवासियों को पक्के घर देने का कार्य तेजी से किया जाएगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि लाडली बहन योजना किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी योजना को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब तक देशभर में 50 लाख गरीब महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और अगले चार महीनों में इस संख्या को बढ़ाकर एक करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। विकास कार्यों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास पर समान रूप से ध्यान दिया है, जिसका परिणाम है कि सड़क निर्माण जैसे बुनियादी ढांचे के काम तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। जल संकट पर बोलते हुए उन्होंने जानकारी दी कि पोशीर और शिलार बांध परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है और इनके पूरा होने से अगले दो वर्षों में ठाणे जिले सहित उल्हासनगर को पर्याप्त और स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।




