₹8 हजार में ‘बेचा’ TET का पेपर, जूते के इनसोल में छिपाकर प्रिंटिंग प्रेस से निकाले चारों सेट
महाराष्ट्र TET पेपर लीक में चौंकाने वाला खुलासा, भिवंडी कोर्ट में करीब 3,500 पन्नों की चार्जशीट, 18 आरोपी नामजद और 16 गिरफ्तार

ठाणे। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जांच में बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। ठाणे पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा भिवंडी की अदालत में दाखिल करीब 3,500 पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से TET के गोपनीय प्रश्नपत्र कथित तौर पर जूते के इनसोल के नीचे छिपाकर बाहर निकाले गए थे। इसके बदले कर्मचारियों को महज ₹8 हजार और अन्य लाभ देने का कथित लालच दिया गया था। चार्जशीट के अनुसार महाराष्ट्र TET की गोपनीय प्रश्नपत्र सामग्री की छपाई आगरा स्थित महिम पत्रन प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटिंग प्रेस में कराई जा रही थी। प्रेस में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसा रास्ता खोज लिया, जहां सुरक्षा जांच में चूक हो रही थी। कर्मचारियों के शरीर और कपड़ों की तलाशी तो ली जाती थी, लेकिन जूतों की जांच नहीं होने का आरोप है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाए गए। जांच के मुताबिक 15 से 17 जून के बीच प्रेस से जुड़े दो कर्मचारियों और एक पूर्व कर्मचारी ने कथित साजिश के तहत प्रश्नपत्रों के पन्नों को मोड़कर जूतों के इनसोल के नीचे छिपाया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस तरीके से पेपर-1 और पेपर-2 के लिए तैयार चारों सेट प्रेस की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर बाहर पहुंचा दिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात इस कथित सौदे की रकम है। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार प्रेस से प्रश्नपत्र बाहर निकालने के बदले कर्मचारियों को ₹8 हजार दिए गए और आगरा में प्लॉट देने जैसे लाभ का भी कथित वादा किया गया। जांच में सामने आए इसी पेपर को बाद में कथित नेटवर्क के जरिए काफी अधिक रकम में अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने बिजेंद्र गुप्ता को इस अंतरराज्यीय रैकेट का कथित मुख्य सूत्रधार बताया है। जांच एजेंसी ने धन के लेन-देन और तकनीकी रिकॉर्ड के साथ बिहार में गुप्ता के एक रिश्तेदार के घर से मूल प्रश्नपत्र बरामद होने को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में चार्जशीट में शामिल किया है। महाराष्ट्र TET की परीक्षा 28 जून को प्रस्तावित थी, लेकिन पेपर लीक का मामला उससे एक दिन पहले सामने आ गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन लोग भिवंडी में एक व्यक्ति को परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और चार सेट बरामद किए। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने पर बरामद सामग्री वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाने की बात सामने आई। चार्जशीट में कुल 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 16 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अशोक साव और प्रकाश मिसाल फरार बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से संबंधित प्रावधानों के साथ परीक्षा में अनुचित साधनों और गड़बड़ी से जुड़े महाराष्ट्र के संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है। इस मामले ने परीक्षा की गोपनीय सामग्री की छपाई के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिस प्रश्नपत्र को बेहद कड़ी निगरानी में रखा जाना था, उसे यदि जूतों के इनसोल में छिपाकर बाहर निकालने के आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो यह परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की ओर इशारा करता है। अब इस मामले में अदालत के समक्ष पेश साक्ष्यों के आधार पर आरोपों का परीक्षण होगा।
