
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 2026 के नतीजों के बाद कांग्रेस को वार्ड क्रमांक 94 से बड़ा झटका लगा है। इस वार्ड से कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं एडवोकेट सुप्रिया संतोष पाठक ने पार्टी के अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। सुप्रिया पाठक कांग्रेस की मुंबई सचिव के पद पर कार्यरत थीं। अपने इस्तीफे में सुप्रिया पाठक ने कांग्रेस संगठन के भीतर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी न सिर्फ निष्क्रिय रहे, बल्कि कथित तौर पर पैसे लेकर विपक्षी उम्मीदवारों के लिए काम करते नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण उन्हें न तो संगठनात्मक समर्थन मिला और न ही ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का सहयोग। सुप्रिया पाठक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंदरूनी गुटबाज़ी, अनुशासनहीनता और विश्वासघात का सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि जब कार्यकर्ता ही चुनाव को गंभीरता से न लें और निजी स्वार्थ को पार्टी हित से ऊपर रखें, तो ऐसे हालात में ईमानदार संघर्ष करना असंभव हो जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रिया पाठक का इस्तीफा कांग्रेस के लिए केवल एक उम्मीदवार की हार नहीं, बल्कि संगठनात्मक कमजोरी और अंदरूनी अनुशासनहीनता का सार्वजनिक संकेत है। बता दें कि वर्ष 2017 के बीएमसी चुनाव में कांग्रेस को वार्ड 94 में 5,535 वोट मिले थे और पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी, जबकि इस बार कांग्रेस महज 2,663 वोटों पर सिमट कर रह गई और चौथे स्थान पर पहुंच गई। यह घटनाक्रम पार्टी नेतृत्व के लिए आत्ममंथन का अवसर भी माना जा रहा है। वार्ड क्रमांक 94 में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन और इस इस्तीफे के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या आरोपों के घेरे में आए कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।




