सनी देओल की ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ रिलीज से पहले विवादों में, IMA ने जताई आपत्ति
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के चित्रण पर सवाल; सरकार से प्रमोशनल कंटेंट की समीक्षा की मांग

मुंबई। सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही विवादों में घिरती नजर आ रही है। फिल्म के टीजर और प्रमोशनल कंटेंट को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आपत्ति जताई है और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। IMA ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के प्रचार सामग्री की समीक्षा करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि फिल्म में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को जिस तरह दिखाया जा रहा है, उससे चिकित्सा पेशे को लेकर नकारात्मक धारणा बन सकती है। IMA ने चिंता जताई है कि फिल्म का प्रमोशनल कंटेंट स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार को एक सामान्य समस्या के रूप में पेश कर सकता है और डॉक्टरों तथा अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा को इस तरह दिखा सकता है, जिससे वह उचित या स्वीकार्य लगे।एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कर्मचारियों पर हमले वाले दृश्यों को यदि ‘बहादुरी’ या ‘सही कार्रवाई’ के रूप में पेश किया जाता है, तो इससे स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने का खतरा पैदा हो सकता है। IMA ने कहा कि डॉक्टर और हेल्थकेयर कर्मचारी पहले से ही अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में मेडिकल प्रोफेशनल्स पर हमलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने वाला कंटेंट उनके खिलाफ नाराजगी या दुश्मनी को बढ़ा सकता है और स्वास्थ्य सेवाएं देने वालों की सुरक्षा पर असर डाल सकता है। दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ को अभी तक प्रमाणन के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास जमा नहीं किया गया है। ऐसे में फिल्म के प्रमाणन को लेकर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिल्म को लेकर उठे विवाद के बीच अब नजर इस बात पर है कि निर्माता प्रमोशनल कंटेंट को लेकर कोई बदलाव करते हैं या नहीं और आगे सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में इस मुद्दे का क्या असर पड़ता है।
