
मुंबई। बायोडिग्रेडेबल (जैविक रूप से नष्ट न होने वाले) सामग्री से तैयार कृत्रिम फूलों के उपयोग पर प्रतिबंध है और इस निर्णय को और स्पष्ट करने के लिए राज्य सरकार शीघ्र ही शासन निर्णय जारी करेगी। साथ ही कृत्रिम फूलों का उपयोग करने वाले डेकोरेटर्स तथा ऐसे फूलों से सजावट करने वाले बड़े विवाह हॉलों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान सभा में दी। शुक्रवार को विधानसभा में सदस्य विक्रम पाचपुते द्वारा कृत्रिम फूलों एवं प्लास्टिक वस्तुओं के उत्पादन, बिक्री और उपयोग के संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम फूलों के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और प्राकृतिक फूलों की मांग घटने से किसानों को भी आर्थिक हानि हो रही है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण विभाग आवश्यकतानुसार कठोर कदम उठाएगा और जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों को भी इस कार्रवाई में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुंबई स्थित दादर फूल मार्केट को बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न हुआ हो सकता है। फूल बाजार सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए महानगरपालिका को तत्काल निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय फूल उत्पादकों के हित तथा पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण साबित होगा। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि राज्य में बायोडिग्रेडेबल न होने वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है। यदि कृत्रिम फूलों में उपयोग किए जाने वाले रसायन मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक 4,135 टन प्लास्टिक कचरा जब्त किया गया है और लगभग 25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। 92 हजार से अधिक स्थानों पर नियम उल्लंघन पाए गए हैं, जिन पर दंडात्मक एवं दंडनीय कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक और थर्माकोल की वस्तुओं पर राज्यव्यापी प्रतिबंध लागू है और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं तथा नागरिकों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की गई है। विवाह समारोह, त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में पर्यावरण अनुकूल सजावट, पुनः उपयोग योग्य सामग्री तथा प्राकृतिक फूलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में नई मार्गदर्शक सूचनाएं और क्रियान्वयन व्यवस्था घोषित करेगी। होली पर्व के अवसर पर भी पर्यावरण अनुकूल रंगों के उपयोग को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस विषय पर हुई चर्चा में सदस्य जयंत पाटिल और प्रविण दटके ने भी भाग लिया।




