विश्व मानक दिवस पर मुंबई में ‘मानक महोत्सव’: स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक विकास में गुणवत्ता मानकों की भूमिका पर जोर

मुंबई। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय, मुंबई की ओर से विश्व मानक दिवस 2026 के अवसर पर अंधेरी पूर्व स्थित सीप्ज़ एमआईडीसी के भारत रत्नम मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर में ‘मानक महोत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सतत विकास लक्ष्य-7 के अंतर्गत सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा औद्योगिक क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और बीआईएस अधिकारियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, औद्योगिक स्थिरता तथा सुरक्षित और विश्वसनीय ऊर्जा समाधान विकसित करने में भारतीय मानकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में पद्म विभूषण से सम्मानित एवं इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी), मुंबई के पूर्व निदेशक प्रो. एम. एम. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बीआईएस मुंबई शाखा कार्यालय के प्रमुख एवं वैज्ञानिक-एफ राजीव रंजन सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। बीआईएस के उपमहानिदेशक (पश्चिम) शुभदीप बासु ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि गुणवत्ता, नवाचार और सतत विकास को प्रोत्साहित करने में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं, पश्चिमी क्षेत्रीय प्रयोगशाला के प्रमुख एवं वैज्ञानिक-ई डॉ. अनिल कापड़ी ने विश्व मानक दिवस का संदेश प्रस्तुत किया।
स्वच्छ ऊर्जा के लिए वैज्ञानिक नवाचार जरूरी
मुख्य अतिथि प्रो. एम. एम. शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता आधारित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने तथा पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को विकसित करने में वैज्ञानिक ज्ञान और मानकीकरण के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि स्टेटकॉन एनर्जिया के निदेशक प्रांजल पांडे और टाटा स्टील के शशि भूषण ने सतत औद्योगिक कार्यप्रणालियों, गुणवत्तापूर्ण स्टील उत्पादन और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के विकास में तकनीकी नवाचार की उपयोगिता पर अपने विचार रखे।
