रेलवे में ‘विशेष अभियान 6’ शुरू, लंबित मामलों और ई-कचरे के निपटारे पर रहेगा जोर
देशभर में 150 से अधिक नोडल अधिकारी तैनात; 2 से 31 अक्टूबर तक चलेगा मुख्य अभियान, ‘रेल जन संवाद’ से बढ़ेगी जनभागीदारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के लिए ‘विशेष अभियान 6’ शुरू किया है। इसके तहत 15 से 30 सितंबर तक तैयारी और लक्ष्य निर्धारण किया जाएगा, जबकि मुख्य अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। रेल मंत्रालय ने सभी क्षेत्रीय रेलवे, मंडल कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, उत्पादन इकाइयों, स्वायत्त निकायों और केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों को अभियान में व्यापक भागीदारी के निर्देश दिए हैं। भारतीय रेलवे में 150 से अधिक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो रोजाना प्रगति की जानकारी रेलवे बोर्ड को भेजेंगे। अभियान की निगरानी केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इस बार विशेष रूप से ई-कचरे के संग्रह, पृथक्करण और निपटान, स्क्रैप के निस्तारण, कार्यालय परिसरों के सौंदर्यीकरण, प्रक्रियाओं एवं नियमों के सरलीकरण तथा लंबित मामलों के समाधान पर जोर रहेगा। रेल मंत्रालय के अनुसार पिछले ‘विशेष अभियान 5.0’ में सार्वजनिक शिकायतों, वीआईपी मामलों और अन्य लंबित प्रकरणों के निपटारे के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया गया था। अभियान के दौरान 6.06 लाख वर्ग फुट स्थान का बेहतर उपयोग किया गया और स्क्रैप आदि के निपटान से करीब ₹570 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ। ‘रेल चौपाल’ और ‘अमृत संवाद’ के बाद इस बार रेलवे ‘रेल जन संवाद’ आयोजित करेगा, जिसका उद्देश्य यात्रियों और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के साथ रेलवे से जुड़े मुद्दों पर सीधा संवाद स्थापित करना है।
