उल्हासनगर में सामाजिक कार्यकर्ता हरीश गजवानी की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुरानी रंजिश की आशंका, पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश नायडू समेत तीनों को 10 दिन की हिरासत में लिया

उल्हासनगर। उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के पास सामाजिक कार्यकर्ता हरीश गजवानी (50) की हत्या के मामले में विट्ठलवाड़ी पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश नायडू, नूर आलम खान और विजय पूरन सिंह उर्फ ‘लेफ्टी’ के रूप में हुई है। अदालत ने तीनों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे के अनुसार, पुलिस को मिली गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर विट्ठलवाड़ी पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। घटना बुधवार रात करीब 8:30 बजे उल्हासनगर रेलवे स्टेशन परिसर के पास हुई। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने गजवानी पर पहले धारदार हथियार से हमला किया और बाद में गोली चलाई। उनके सिर में दो गोलियां लगने से उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई। मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक संदिग्ध के हाथ में धारदार हथियार दिखाई देने की बात कही जा रही है। पुलिस इस फुटेज सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
2021 के मामले से जुड़ी रंजिश की जांच
डीसीपी सचिन गोरे के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हरीश गजवानी और मुख्य आरोपी अविनाश नायडू के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या वर्ष 2021 के एक हत्या के मामले से जुड़ा विवाद इस वारदात की वजह बना।
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे वास्तविक कारण और पूरी साजिश का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 तथा आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जान को खतरे का किया था दावा
बताया गया है कि 27 सितंबर को हरीश गजवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था। उन्होंने कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर गुटखा कारोबार और रम्मी क्लबों से जुड़ी कथित अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए थे। पोस्ट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को टैग किया गया था।
गजवानी उल्हासनगर में गुटखे की कथित अवैध बिक्री और जुए से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि उनकी हत्या का इन मुद्दों से कोई सीधा संबंध है या मामला केवल पुरानी निजी रंजिश का परिणाम है। विट्ठलवाड़ी पुलिस हत्या के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
