शंभूपुर हत्याकांड: मासूम शौर्य को बेहद करीब से मारी गई थी गोली, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अहम तथ्य

आजमगढ़, उत्तर प्रदेश। आजमगढ़ जिले में शंभूपुर गांव में हुए चार हत्याकांड और आरोपी की मुठभेड़ में मौत होने के बाद अब सन्नाटा पसरा है। जिस घर में मंगलवार तक पूजा-पाठ की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम और पुलिस की मौजूदगी है। जिले के शंभूपुर हत्याकांड में मारे गए मासूम शौर्य की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने को लेकर अहम तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के शरीर पर गोली के प्रवेश वाले स्थान (एंट्री वुंड) पर ब्लैकनिंग, टैटूइंग और स्कॉर्चिंग के चिह्न मिले हैं। ये चिह्न सामान्य तौर पर बेहद नजदीक से गोली चलने की स्थिति में पाए जाते हैं। इसके साथ ही शरीर में गोली की ट्रैजेक्टरी तिरछी और ऊपर की ओर पाई गई है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर पुलिस टीम और बच्चे के बीच करीब आठ से 10 फीट की दूरी थी। पुलिस का कहना है कि इतनी दूरी से गोली लगने पर एंट्री वुंड पर इस तरह के चिह्न मिलना सामान्य नहीं है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को न्यूट्रलाइज करने से पहले पुलिस टीम का बच्चों के इतने करीब पहुंचना भी संभव नहीं था। पुलिस टीम कमरे के एक छोर पर थी, जबकि आरोपी बच्चों के साथ दूसरे छोर पर था। आरोपी को न्यूट्रलाइज किए जाने के बाद ही पुलिस टीम बच्चों तक पहुंच सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली की दिशा भी दर्ज की गई है। बच्चे की कम ऊंचाई को देखते हुए शरीर में तिरछी और ऊपर की ओर मिली ट्रैजेक्टरी को लेकर भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, गोली शौर्य के गाल से शरीर में प्रवेश कर सिर की ओर से बाहर निकली। एंट्री वुंड का आकार भी आरोपी के कब्जे से बरामद .32 बोर रिवॉल्वर से संबंधित गोली के अनुरूप बताया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद .32 बोर रिवॉल्वर समेत अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्षों का घटनाक्रम से मिलान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद गोली चलने की दूरी, दिशा और हथियार के संबंध में स्थिति और स्पष्ट होगी। वहीं, एसपी ने शौर्य की मौत पुलिस की गोली से होने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि यदि पुलिस की गोली शौर्य को लगती तो गोली की दिशा ऊपर से नीचे की ओर होती, जबकि बच्चे को लगी गोली नीचे से ऊपर की ओर गई है। एसपी के अनुसार, इससे संकेत मिलता है कि गोली आरोपी अरविंद की ओर से चलाई गई थी। घटना के बाद पुलिस ने पूरे मकान को सील कर दिया था, जिसे अब खोल दिया गया है। हालांकि जिस कमरे में घटना हुई थी, उसे अभी सील रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, राज्य स्तरीय टीम घटनास्थल पर पहुंचकर सीन रिक्रिएट करेगी। इसके बाद उस कमरे को भी खोल दिया जाएगा।

