
57 सिंचाई प्रोजेक्टों को मिलेगी रफ्तार, 15 हजार करोड़ के कर्ज को कैबिनेट की मंजूरी
मुंबई। महाराष्ट्र में लंबित 57 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने तथा नहरों और वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए नाबार्ड से 15 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य में लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचाई के दायरे में आएगी। कैबिनेट के अनुसार, इस राशि में से 8,982.76 करोड़ रुपये 57 अपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए तथा 6,017.24 करोड़ रुपये 193 पूर्ण परियोजनाओं की नहरों और वितरण प्रणाली में सुधार के लिए खर्च किए जाएंगे। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कोल्हापुर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम: विकासवाड़ी में
12.76 हेक्टेयर शासकीय भूमि निःशुल्क दी जाएगी
कोल्हापुर जिले के विकासवाड़ी (तालुका करवीर) में अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए 12 हेक्टेयर 76 आर शासकीय भूमि निःशुल्क देने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। यह भूमि स्कूल शिक्षा एवं खेल विभाग को कब्जाधिकार के साथ दी जाएगी। इस फैसले से कोल्हापुर में खेल अवसंरचना को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं मिलेंगी। शासन की ओर से स्टेडियम निर्माण के लिए कोई प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी।
पुरंदर एयरपोर्ट विकास को मिली रफ्तार: भूमि अधिग्रहण के लिए 6 हजार करोड़ के कर्ज को मंजूरी
पुणे जिले के प्रस्तावित पुरंदर हवाई अड्डे के विकास हेतु भूमि अधिग्रहण के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसके लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन किया गया है, जिसमें एमआईडीसी, एमएडीसी और सिडको सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं। परियोजना क्षेत्र के लगभग 96 प्रतिशत किसानों की सहमति प्राप्त हो चुकी है। इस निर्णय से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति मिलेगी और हवाई अड्डा परियोजना आगे बढ़ेगी।
रत्नपुरी मळा की 1000 एकड़ भूमि एमआईडीसी को हस्तांतरित
पुणे जिले के इंदापुर तालुका स्थित रत्नपुरी मळा की 1000 एकड़ भूमि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) को हस्तांतरित करने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इससे पुणे और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जिला प्रशासन को भूमि हस्तांतरण की आवश्यक कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं।



