स्पेशल TET 2026 में शामिल होने की मांग को झटका, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों की याचिका की खारिज

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। इलाहाबाद हाईकोर्ट से शिक्षामित्रों को राहत नहीं मिली है। स्पेशल टीईटी 2026 में शामिल होने का अवसर दिए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला वसीम अहमद एवं 220 अन्य बनाम राज्य सरकार से संबंधित है। याचिका में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में आवेदन करने का अवसर देने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जैन अब्बास ने शिक्षामित्रों का पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि शिक्षामित्र लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। बड़ी संख्या में शिक्षामित्र करीब 26 वर्षों से शिक्षण कार्य के साथ निर्वाचन कार्य, चुनाव ड्यूटी, एसआईआर, जनगणना, मतगणना, बाल गणना, विद्यालय संचालन का प्रभार, सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी तथा गुणवत्ता संवर्धन के लिए विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षणों में अध्यापकों के समान जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। शिक्षामित्रों की ओर से यह भी दलील दी गई कि विशेष टीईटी में आवेदन का अवसर देने के मामले में उनके साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है, जबकि अन्य श्रेणियों में कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भविष्य में शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए टीईटी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में वर्षों से परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों की याचिका खारिज कर दी।
