
मीरा-भाईंदर। मीरा-भाईंदर शहर के समग्र और तेज़ विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं धाराशिव जिले के पालक मंत्री प्रताप इंदिराबाई बाबूराव सरनाईक ने शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है। इसी क्रम में सोमवार को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद शर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर से जुड़े 25 प्रमुख विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में ट्रैफिक जाम, सड़क विकास, जलकिनारा विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, महिला सशक्तिकरण और महानगरपालिका की सेवाओं जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। मंत्री सरनाईक ने बताया कि मेट्रो-9 का पहला चरण फरवरी माह में नागरिकों की सेवा में समर्पित किया जाएगा, जिससे मीरा-भाईंदरकरों का वर्षों पुराना इंतज़ार समाप्त होगा। महिला स्व-सहायता समूहों को उनके उत्पादों के लिए उचित बाज़ार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर में एक भव्य ‘उमेद’ मॉल के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 50 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक महिला हॉस्टल के निर्माण हेतु भी राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और जल्द ही इसके लिए उपयुक्त स्थान तय किया जाएगा। शहर की जर्जर सड़कों की समस्या के समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले 1200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड को स्वीकृति दी गई है, जिससे बड़े पैमाने पर सड़कों की सीमेंट कंक्रीटिंग की जाएगी। मंत्री सरनाईक ने अगले डेढ़ से दो वर्षों में पूरे मीरा-भाईंदर शहर को गड्ढामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए पूरे शहर को बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल पर फ्री वाई-फाई सुविधा से जोड़ने का निर्णय भी लिया गया है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया अगले दो से तीन महीनों में पूरी की जाएगी। बैठक के दौरान मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि मीरा-भाईंदर के नागरिकों का प्रतिनिधि होने के नाते शहर को आधुनिक और सुविधाजनक बनाना उनका कर्तव्य है। विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी और चुनाव से पहले किए गए हर वादे को पूरा किया जाएगा। नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और त्वरित समाधान के लिए हर महीने ‘जनता दरबार’ आयोजित किया जाएगा तथा महानगरपालिका के कामकाज की गति बढ़ाने के लिए नियमित आयुक्त स्तर की समीक्षा बैठकें की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ‘सपनों का मीरा-भाईंदर’ साकार करना उनकी जिम्मेदारी है और वे इसे पूरा करके दिखाएंगे।




