
मुंबई। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत स्थापित की जा रही एमआरआई, सीटी स्कैन और पीईटी-सीटी स्कैन सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने की। उन्होंने मुंबई और नागपुर क्लस्टर के विभिन्न प्रकल्पों का विस्तृत आकलन करते हुए संबंधित एजेंसियों को सभी लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव धीरज कुमार, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संचालनालय के आयुक्त अनिल भंडारी तथा ग्रांट सरकारी मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता उपस्थित थे। वहीं धुले, छत्रपति संभाजीनगर, मिरज, कोल्हापुर, बारामती, पुणे, नांदेड़, लातूर, सोलापुर, चंद्रपुर, अंबाजोगाई, सिंधुदुर्ग, नागपुर, यवतमाल और अकोला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मरीजों के लिए अत्याधुनिक जांच सुविधाओं पर जोर
बैठक में मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि एमआरआई, सीटी स्कैन और पीईटी-सीटी जैसी जांच सुविधाएं गंभीर बीमारियों के सटीक और समयबद्ध निदान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए राज्य सरकार इन सेवाओं को सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुविधाओं के विस्तार, रखरखाव और प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं होंगी उपलब्ध
मंत्री मुश्रीफ ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक निदान सुविधाओं की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद आम मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार की प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी बनेगी।



