वाचन प्रेरणा दिवस केवल एक दिन नहीं, पूरे वर्ष पढ़ने की आदत विकसित करें: मंत्री उदय सामंत
मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से एक वर्ष में कम से कम एक पुस्तक पढ़ने की अपील, मराठी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने पर जोर

मुंबई। भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम की जयंती पर मनाए जाने वाले वाचन प्रेरणा दिवस को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए पूरे वर्ष पढ़ने की आदत विकसित करने की जरूरत है। मराठी भाषा मंत्री डॉ. उदय सामंत ने मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से अगले वाचन प्रेरणा दिवस तक कम से कम एक पुस्तक पढ़ने का संकल्प लेने की अपील की। मंत्रालय के त्रिमूर्ति प्रांगण में मराठी भाषा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि दी गई और पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। सामंत ने कहा कि मराठी भाषा की समृद्ध परंपरा और साहित्य को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के माध्यम से दस दिनों में करीब 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई। उन्होंने बताया कि विभाग की पहल के तहत लगभग 1.67 लाख लोगों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने दैनिक व्यवहार में मराठी के अधिक उपयोग और बचपन से मातृभाषा के प्रति रुचि विकसित करने पर भी जोर दिया। सामंत ने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा विद्यार्थियों की समझ और अभिव्यक्ति को मजबूत करती है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा में भी मराठी के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। मंत्रालय के त्रिमूर्ति प्रांगण में पुस्तक प्रदर्शनी एवं बिक्री केंद्र 15 और 16 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। कार्यक्रम में मराठी भाषा विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी, संयुक्त सचिव डॉ. नामदेव भोसले, भाषा संचालनालय के निदेशक अरुण गिते सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
