
मुंबई। अंधेरी स्थित सेवन हिल्स अस्पताल को निजी संस्था को सौंपने की संभावित प्रक्रिया का जोरदार विरोध सामने आया है। मांग की गई है कि इस अस्पताल का निजीकरण न किया जाए, बल्कि इसे मुंबई महानगरपालिका के अधीन रखकर विकसित किया जाए, ताकि मुंबईकरों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। महापालिका की स्थायी समिति की बैठक में कांग्रेस नगरसेवक अश्रफ आज़मी ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल निजी कॉर्पोरेट संस्थाओं को सौंपने की कोशिश की जा रही है, जो जनहित के खिलाफ है। जानकारी के अनुसार, इस अस्पताल की कीमत सरकारी दर से लगभग 5,000 करोड़ रुपये और बाजार मूल्य के अनुसार करीब 7,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। एनसीएलटी प्रक्रिया के बाद इसे मुकेश अंबानी से जुड़ी किसी निजी संस्था को दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। अज़मी ने सवाल उठाया कि जब निजी अधिग्रहण के लिए 476 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं, तो महानगरपालिका सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह राशि क्यों नहीं खर्च कर सकती। उन्होंने कहा कि मुंबई में पहले ही अस्पतालों में बेड की भारी कमी है, ऐसे में सार्वजनिक संपत्ति को कॉर्पोरेट हितों के लिए देना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 1500 बेड, 36 ऑपरेशन थिएटर और 120 आउटडोर विभागों से लैस है, इसके बावजूद इसे आम जनता की सेवा के बजाय निजी नियंत्रण में देने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई के सरकारी और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों की खराब स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मरीजों के परिजनों को बेड के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में एक आधुनिक और विश्वस्तरीय अस्पताल को निजी हाथों में देना गलत है। अज़मी ने मांग की कि महानगरपालिका इस अस्पताल को अपने अधीन लेकर इसे ‘एम्स’ की तर्ज पर विकसित करे, जिसमें मेडिकल, नर्सिंग और रिसर्च सुविधाएं उपलब्ध हों। इस मामले में प्रशासन से विस्तृत जानकारी मांगी गई है और फिलहाल इस प्रस्ताव को विचाराधीन रखा गया है।



