महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में बड़े सुधार की तैयारी, टास्क फोर्स को मिले 30 हजार सुझाव
अब तक 1,500 अभ्यर्थियों से सीधा संवाद, ‘एक पद-एक परीक्षा’, एक बार पंजीकरण-शुल्क और पारदर्शी उत्तरतालिका की उठी मांग

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और आदर्श बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय टास्क फोर्स परीक्षा के प्रत्येक चरण का गहन अध्ययन करेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की भावनाओं, समस्याओं और उनके सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। मंगलवार को टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव वी. राधा ने पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी। भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय में कोंकण विभाग के अभ्यर्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान समिति के सदस्य एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य एयर मार्शल अजित शंकरराव भोसले (सेवानिवृत्त), आईआईटी मुंबई के यांत्रिकी अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. श्यामप्रसाद करगड्डे, कोंकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल और मुंबई उपनगर जिलाधिकारी सौरभ कटियार उपस्थित रहे। वी. राधा ने बताया कि टास्क फोर्स अब तक पुणे, नागपुर, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर में विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों से संवाद कर चुकी है। कोंकण विभाग के बाद नाशिक विभाग में भी संवाद किया जाएगा। प्रत्येक संभाग में अलग-अलग समस्याएं सामने आई हैं और हर मुद्दे का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 1,500 विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद किया गया है, जबकि भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार को लेकर करीब 30 हजार सुझाव ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। अलग-अलग विभागों की परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं का परीक्षा और विभाग के अनुसार अध्ययन किया जाएगा। टास्क फोर्स संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) तथा अन्य राज्यों में अपनाई जा रही भर्ती प्रक्रियाओं का भी अध्ययन करेगी। संबंधित विभागों के सचिवों से चर्चा कर समस्याओं के मूल कारणों का पता लगाया जाएगा। वी. राधा ने कहा कि टास्क फोर्स का जोर केवल सिफारिशें करने पर नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में आने वाली वास्तविक कठिनाइयों को दूर करने के उपाय तलाशने पर रहेगा। कोंकण विभाग के अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी रोकने, आयोग से समय पर जानकारी उपलब्ध कराने, परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और परीक्षा पैटर्न में बदलाव की पूर्व सूचना देने की मांग की। इसके अलावा समूह ‘क’ के सभी पदों की भर्ती एक साथ कराने, दो पदों की परीक्षाओं के बीच पर्याप्त अंतर रखने और लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित करने के सुझाव दिए गए।अभ्यर्थियों ने परीक्षा को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दो चरणों में कराने, वरिष्ठ पद के अनुसार परिणाम घोषित करने, ‘एक पद-एक परीक्षा’, प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों पर विचार करने और वर्णनात्मक प्रश्नपत्र रखने की भी मांग की। इसके साथ ही एक बार पंजीकरण और एक बार शुल्क, प्रश्नपत्र की गुणवत्ता में सुधार, उत्तरतालिका एवं पेपर जांच प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाली महिला अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने जैसे सुझाव भी टास्क फोर्स के सामने रखे गए। वी. राधा ने कहा कि विद्यार्थियों से मिले सुझावों और राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए संवाद से प्राप्त अनुभवों के आधार पर भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और आदर्श बनाने के लिए ठोस उपाय सरकार को सुझाए जाएंगे।
