जनगणना 2027 की तैयारियां तेज: बांगरमऊ में प्रगणकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद बांगरमऊ के सभागार में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रगणकों को जनगणना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दी जा रही हैं। साथ ही उन्हें जनगणना कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि जनगणना की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार तीन प्रमुख चरणों में पूरी की जाएगी। सबसे पहले 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया संचालित होगी। इस दौरान नागरिक स्वयं अपने और अपने परिवार से संबंधित निर्धारित जानकारियां दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक जनगणना का मुख्य कार्य किया जाएगा। इस अवधि में नियुक्त गणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवारों और व्यक्तियों से संबंधित आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। प्रगणकों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मकान और परिवार तक पहुंचकर निर्धारित प्रारूप में सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जनगणना के पुनरीक्षण चरण के तहत 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक छूटे हुए व्यक्तियों की जानकारी जुटाने तथा अन्य विवरणों का सत्यापन किया जाएगा। इससे जनगणना से संबंधित आंकड़ों को व्यवस्थित और पूर्ण करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में फील्ड ट्रेनर प्रमोद कुमार सिंह, गौरव कुमार एवं जितेंद्र बहादुर यादव ने प्रगणकों को जनगणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली, समय-सीमा और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से जनसंख्या से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की विकास योजनाओं, सरकारी नीतियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्धारण में किया जाता है। प्रगणकों को निर्देशित किया गया कि घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करते समय नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार रखें और प्रत्येक परिवार से आवश्यक विवरण सावधानीपूर्वक प्राप्त करें। जानकारी दर्ज करते समय जल्दबाजी से बचें तथा आंकड़ों की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधा सैकड़ा से अधिक प्रगणक उपस्थित रहे। सभी को जनगणना कार्य की बारीकियों से अवगत कराया गया, ताकि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
