प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड: पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे ने आरोपों को किया खारिज
कहा— ‘सिर्फ तस्वीर किसी आपराधिक संबंध का सबूत नहीं’, पुलिस जांच से सच सामने आने की कही बात

ठाणे। शिवसेना (UBT) के विभाग प्रमुख प्रदीप उर्फ बालू पूर्णेकर की हत्या के बाद जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच ठाणे की पूर्व मेयर और शिवसेना नेता मीनाक्षी शिंदे ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि बिना ठोस सबूत के उनका नाम इस मामले से जोड़ा जा रहा है और पुलिस जांच से ही हत्या का वास्तविक सच सामने आएगा। शिंदे ने कहा कि किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर होना अपने आप में आपराधिक संबंध का प्रमाण नहीं है। जनप्रतिनिधि होने के कारण वह अपने क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों से मिलती हैं और लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचती हैं। इसलिए किसी आरोपी या अन्य व्यक्ति के साथ तस्वीर सामने आने मात्र से अपराध में संलिप्तता साबित नहीं होती। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ सामग्री की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए और कुछ क्लिप को AI से तैयार किए जाने का दावा किया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। प्रदीप पूर्णेकर के परिवार की ओर से मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक परिवार ने पुलिस से दोनों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। मीनाक्षी शिंदे ने इन आरोपों से इनकार किया है। मामले की पुलिस जांच जारी है और अभी आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। शिवसेना (UBT) नेताओं संजय राउत और आदित्य ठाकरे की ओर से उनका नाम लिए जाने पर शिंदे ने कहा कि किसी राजनीतिक नेता द्वारा नाम लेने भर से कोई व्यक्ति आरोपी साबित नहीं हो जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण उनका नाम मामले में जोड़ा जा रहा है। शिंदे का कहना है कि शुरुआती एफआईआर में उनका नाम नहीं था और बाद में उनका नाम शामिल कराया गया। यह उनका दावा है; मामले में पुलिस जांच जारी है। पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है, शिंदे ने पहले भी कहा था कि पुलिस उन्हें जांच के लिए बुलाती है तो वह उपस्थित होंगी। उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने की बात कही है। पूर्णेकर परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने राजनीतिक विवाद में छोटे बच्चे को शामिल किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले में जल्दबाजी में राजनीतिक निष्कर्ष निकालने के बजाय पुलिस को निष्पक्ष तरीके से जांच पूरी करने दी जानी चाहिए। स्थानीय क्लस्टर डेवलपमेंट को लेकर पूर्णेकर के साथ राजनीतिक मतभेदों के संदर्भ में शिंदे ने कहा कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने लंबे समय तक क्लस्टर योजना के लिए संघर्ष किया था और पूर्णेकर ने भी इस दिशा में पहल की थी। उन्होंने दावा किया कि पूर्णेकर के साथ उनका विवाद राजनीतिक स्तर तक सीमित था। शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह भी कहा कि पूर्णेकर के अन्य लोगों से भी विवाद रहे थे और जांच में सभी पहलुओं को देखा जाना चाहिए। फिलहाल पूर्णेकर हत्याकांड की जांच पुलिस कर रही है। ऐसे में हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था, किसने साजिश रची और किसकी क्या भूमिका रही—इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही तय होगा।
