ट्रैफिक नियम बार-बार तोड़े तो परमिट होगा निरस्त, सड़क पर पार्किंग करने वालों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे बोले— नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, मोंठ और चिरगांव CHC में जीवन रक्षक दवाओं के साथ आधुनिक उपकरण रखने के निर्देश

देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने और लगातार चालान होने वाले वाहनों के परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि सड़कों पर वाहनों की पार्किंग स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। शहर के विभिन्न चौराहों के आसपास टेंपो और ई-रिक्शा को चौराहे से कम से कम 100 मीटर दूर खड़ा कराने के निर्देश दिए गए। अनधिकृत अथवा अतिरिक्त लाइट लगाकर चलने वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को सड़कों पर आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले रेहड़ी-खोखे आदि हटाने के निर्देश दिए। एसपी ग्रामीण को निर्देशित किया कि शहर में माल उतारने के लिए आने वाले भारी वाहनों को रात 11 बजे के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाए। बस अड्डे के बाहर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें खड़ी कर यात्रियों को बैठाने के कारण मार्ग अवरुद्ध होने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और परिवहन निगम को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। मरीजों और आम नागरिकों की सुविधा को देखते हुए मेडिकल रोड पर एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करने को कहा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए मंडलायुक्त ने मोंठ और चिरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में एक ऐसा कक्ष तैयार करने को कहा गया, जिसमें दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक सभी अद्यतन उपकरण उपलब्ध हों। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारकोड युक्त सूचना बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए, जिनमें आसपास के अस्पतालों की मैपिंग उपलब्ध हो, ताकि दुर्घटना की स्थिति में वाहन चालक अथवा अन्य लोग तत्काल नजदीकी अस्पताल की जानकारी प्राप्त कर सकें। ऐसे बोर्ड टोल प्लाजा, ब्लैक स्पॉट और टी-जंक्शन पर उचित ऊंचाई पर लगाए जाएंगे। स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर मंडलायुक्त ने परिवहन और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्रत्येक स्कूली वाहन को विद्यालय परिवहन विभाग द्वारा बनाए गए पोर्टल पर दर्ज कराने और अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने सभी नोडल विभागों को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से शासन द्वारा विभागवार जारी दिशा-निर्देशों तथा जिला एवं मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा। मंडलायुक्त ने झांसी मंडल के तीनों जिलों झांसी, ललितपुर और जालौन में ‘गुड सेमेरिटन (नेक इंसान) योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, थानों, तहसीलों और प्रमुख चौराहों पर योजना की जानकारी दी जाएगी, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए तत्काल मदद करने वाले नागरिकों को योजना का लाभ मिल सके। बैठक में एसपी ग्रामीण डॉ. अरविन्द कुमार, अपर नगर आयुक्त राहुल यादव, आरटीओ प्रवर्तन राजेश कुमार वर्मा, आरटीओ प्रशासन ए.के. त्रिवेदी, एआरटीओ हेमचंद्र गौतम, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी संजीव कुमार, संयुक्त निदेशक शिक्षा आर.के. वर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आर.के. सोनी, एडी बेसिक, एनएचएआई के अधिकारी, ट्रक एसोसिएशन अध्यक्ष गुरदीप सिंह चावला, गौरी फाउंडेशन के राहुल द्विवेदी, बस ऑपरेटर एसोसिएशन अध्यक्ष अनूप यादव तथा टेंपो-टैक्सी एसोसिएशन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
